Padma Awards 2026: अंगदान के लिए जागरूकता फैलाकर हजारों लोगों को जीवनदान दिलाने वाले सूरत के नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला को भारत सरकार ने पद्म श्री 2026 से सम्मानित करने का ऐलान किया है. टेक्सटाइल इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले मंडलेवाला ने बिजनेस के साथ समाज सेवा में कमाल की मिसाल पेश की है.
एक सफल व्यवसायी से लेकर समाज सेवा तक नीलेश का सफर प्रेरणादायक रहा है. नीलेश मंडलेवाला के जीवन में तब एक बड़ा बदलाव आया जब उनके पिता गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे. साल 2004 से हफ्ते में दो बार लगातार डायलिसिस करा रहे थे. अपने पिता का दर्द देखा और महसूस किया कि हमारे देश में अंगदान के प्रति जागरुकता नहीं होने की वजह से हर साल लाखों मरीज अपनी जान गंवा देते हैं. तभी उन्होंने इस समस्या को दूर करने का ठान लिया.
बिजनेस से समाज सेवा तक का सफर
नीलेश मंडलेवाला सूरत के एक बड़े उद्योगपति हैं, जो लंबे समय से टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़े रहे. हालांकि, उनकी असली पहचान तब बनी जब उन्होंने डोनेट लाइफ संस्था की नींव रखी. उनका मानना है कि जिंदगी के बाद भी किसी के शरीर के अंगों के जरिए दूसरों को जीवन दिया जा सकता है.
अंगदान के क्षेत्र में सफलता
मंडलेवाला ने अंगदान के मामले में देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उनके काम का ही नतीजा है कि 1300 से ज्यादा अंगों और टिश्यूज का दान किया जा चुका है. हृदय, किडनी, लिवर और फेफड़ों के सफल ट्रांसप्लांट से कई परिवारों में खुशियां लौटी हैं. साथ ही उन्होंने 100 से ज्यादा ऑर्गन रिट्रीवल अस्पताल बनाने में मदद की है. उनके इसी निस्वार्थ सोशल वर्क के लिए पद्म श्री 2026 सम्मान से नवाजा जा रहा है.














