Oracle layoffs: वो एक सीनियर सिक्योरिटी प्रोफेशनल थीं. 33 साल से काम कर रही थीं. कंपनी के लिए डेटाबेस सिक्योरिटी में बड़ा योगदान रहा. एक-दो नहीं चार पेटेंट दर्ज हैं उनके नाम. लेकिन 1 अप्रैल की सुबह जब हजारों कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने का ईमेल आया, उनमें वो भी शामिल थीं. ऐसा ही हुआ कंपनी में 30वीं सालगिरह मनाने के बेहद करीब खड़ीं एक और महिला कर्मी के साथ. वो भी एक डिपार्टमेंट की डायरेक्टर थीं.
दिग्गज टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) इन महिलाकर्मियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर कई अपनी कहानियां शेयर की हैं. इन खुलासों से ओरेकल में हाल ही में हुई सामूहिक छंटनी ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है. अनुमानित तौर पर कंपनी ने दुनियाभर में अपने 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. ये छंटनी अमेरिका, भारत, कनाडा और लैटिन अमेरिका समेत कई देशों में की गई हैं. सभी प्रभावित कर्मचारियों को 1 अप्रैल की सुबह ईमेल के जरिये नौकरी से निकाले जाने की जानकारी दी गई.
मुनाफा बढ़ा, फिर भी नौकरियां घटीं
हैरानी की बात यह है कि ये छंटनी ऐसे समय में हुई है जब ओरेकल ने पिछले एक दशक में अपनी सबसे मजबूत 'ऑर्गेनिक ग्रोथ' दर्ज की है. कंपनी का राजस्व (Revenue) साल-दर-साल 22% बढ़ा है और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है. कंपनी एआई (AI) डेटा सेंटरों के विस्तार में अरबों डॉलर का निवेश कर रही है, लेकिन इसके बावजूद हजारों कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई.
33 साल का सफर एक ईमेल से खत्म
छंटनी का शिकार होने वालों में सीनियर सिक्योरिटी प्रोफेशनल नीना लुईस भी शामिल हैं, जिनका जिक्र हमने ऊपर किया. उन्होंने ओरेकल में 33 साल बिताए. लिंक्डइन पर अपना अनुभव शेयर करते हुए उन्होंने इस फैसले को 'हैरान करने वाला' बताया. उन्होंने लिखा, 'ओरेकल में 30 से ज्यादा साल बिताने के बाद, मैं उन 30,000 लोगों में शामिल हो गई हूं जिन्हें निकाल दिया गया है.'
नीना लुईस 1990 के दशक की शुरुआत में ओरेकल से जुड़ी थीं. अपने करियर के दौरान उन्होंने डेटाबेस सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनके नाम पर चार पेटेंट भी दर्ज हैं. 2012 से मार्च 2026 तक वो सिक्योरिटी अलर्ट मैनेजर के पद पर थीं. उन्होंने अंदेशा जताया कि शायद कंपनी के किसी 'इंटरनल एल्गोरिदम' ने उन वरिष्ठ कर्मचारियों और मिड-लेवल मैनेजरों को निशाना बनाया है जिनके पास भारी मात्रा में 'स्टॉक ऑप्शन्स' (ESOPs) थे.
एक और कड़वा अनुभव
नीना की पोस्ट के बाद कई अन्य पुराने कर्मचारियों ने भी अपनी आपबीती सुनाई. डेब्बी स्टेनर, जो ओरेकल में अपनी 30वीं सालगिरह मनाने के बेहद करीब थीं, उन्हें भी निकाल दिया गया. स्टेनर 'टाइम्स-टेन' (TimesTen) विभाग में डायरेक्टर थीं और उन्होंने ओरेकल के डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम (docs.oracle.com) को बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.
अनुभवी लोगों को खो रही कंपनी
टेक सेक्टर में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि बड़ी कंपनियां कॉस्ट कटिंग यानी लागत कम करने के चक्कर में अपने सबसे अनुभवी दिमागों (Institutional Memory) को खो रही हैं. 'देव-सेक-ऑप्स' (DevSecOps) की निदेशक इलिया कारिन ने सावधान किया है कि 30 साल का अनुभव और ज्ञान किसी स्प्रेडशीट के कहने से गायब नहीं हो जाता. पुराने कर्मचारी न केवल ये जानते हैं कि सिस्टम कैसे काम करता है, बल्कि ये भी जानते हैं कि उसे वैसा क्यों बनाया गया था. उनके जाने से कंपनियों में ऑपरेशनल रिस्क बढ़ सकता है.
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