Oracle Layoffs 2026: भारत के आईटी सेक्टर के लिए बुधवार की सुबह एक बुरी खबर लेकर आई. क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी ओरेकल (Oracle) ने भारत में बड़े पैमाने पर छंटनी की. कंपनी ने भारत में अपने 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. ये फैसला ऐसे समय में आया है जब ओरेकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स पर अपना निवेश तेजी से बढ़ा रही है.
AI पर भारी निवेश बना वजह
एक्सपर्ट का मानना है कि ओरेकल का ये कदम कॉस्ट कटिंग और रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है. ओरेकल अभी के समय में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेज़न जैसी कंपनियों को क्लाउड और AI क्षेत्र में कड़ी टक्कर दे रही है. इसके लिए कंपनी को भारी कैपिटल की जरूरत है. कंपनी की प्लान जेनेरेटिव एआई मॉडल के लिए बड़ा डेटा सेंटर बनाने की है, जिसमें अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं.
Oracle Layoffs 2026
छटनी से पहले कंपनी में क्या चल रहा था?
हाल ही में छटनी से पहले ओरेकल ने ओपनएआई (OpenAI) के साथ भी एक अहम समझौता किया था, जिसके जरिए वो एआई कंप्यूटिंग सर्विस देगी. अब इन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पैसा जुटाने के लिए कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर कॉस्ट कटिंग पर काम हुआ. यानी एआई में भारी-भरकम निवेश के लिए छटनी का प्लान पर काफी समय से मंथन चल रहा था.
शेयर बाजार का हाल
भले ही ओरेकल एआई में निवेश बढ़ा रही है, लेकिन निवेशकों के मन में प्रॉफिट और कैश फ्लो को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं. भारी इंफ्रा पर खर्च की वजह से ओरेकल का स्टॉक इस साल दबाव में रहा है. निवेशकों को डर है कि एआई पर भारी खर्च कंपनी के लंबी अवधि के मुनाफे पर असर डाल सकती है.
कर्मचारियों पर असर
ये छंटनी ओरेकल के क्लाउड सेवाओं, मार्केटिंग और सर्विस के साथ अलग-अलग डिपार्टमेंट पर असर डाल रही है. जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, उनमें से कई लंबे समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए थे. हालांकि कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज देने का वादा किया है, लेकिन अचानक हुए इस फैसले से टेक जगत में हलचल मच गई है.














