Crude Oil Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज यानी शुक्रवार, 17 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. इसकी बड़ी वजह इजरायल और लेबनान के बीच संभावित युद्धविराम और वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद रही. इन संकेतों से ग्सोबल मार्केट में तेल की कीमतों पर दबाव बना और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क करीब 2 प्रतिशत तक फिसल गए.
ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में $97.99 प्रति बैरल तक गिरा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत शुरुआती कारोबार के दौरान गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. यह दिन का निचला स्तर रहा और इसमें 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि इससे पहले वाले कारोबारी सत्र में यही ग्लोबल बेंचमार्क करीब 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.39 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था.
अमेरिकी WTI क्रूड भी करीब 2% टूटा
अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में यह करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया. इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में WTI क्रूड 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ 93.32 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था.
MCX पर भी कच्चे तेल की कीमतों में 2.6% तक गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. यहां क्रूड ऑयल की कीमत 2.6 प्रतिशत तक गिरकर 8,625 रुपये के स्तर तक पहुंच गई.
इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर की घोषणा का असर
तेल बाजार में यह गिरावट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर की घोषणा के बाद देखने को मिली. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान ने 20 साल से अधिक समय तक परमाणु हथियार नहीं रखने की पेशकश की है. इन घटनाओं से ग्लोबल मार्केट में टेंशन कम होने की उम्मीद बनी है.
ग्लोबल मार्केट में मिला-जुला रुख
तेल की कीमतों में गिरावट के बीच ग्लोबल स्टॉक मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला. भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी सपाट फ्लैट खुले.हालांकि, थोड़ी देर बाद हल्की तेजी के साथ ट्रेड करते नजर आए. वहीं एशियाई बाजारों में प्रमुख इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत तक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए.
अमेरिका के शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में हल्की तेजी देखने को मिली. Nasdaq इंडेक्स 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि S&P 500 इंडेक्स 0.26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर बंद हुआ.
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