बच्चों की पढ़ाई हो या शादी, अक्सर पेरेंट्स को लगता है कि इनके लिए बड़ा फंड जोड़ना बहुत मुश्किल काम है. लेकिन सच यह है कि अगर शुरुआत सही समय पर हो, तो जेब पर बिना कोई बोझ डाले भी करोड़ों का फंड तैयार किया जा सकता है. एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya) के जरिए आप रोजाना के महज कुछ रुपये बचाकर अपने बच्चे के लिए करोड़ों का फंड तैयार कर सकते हैं. इसमें निवेश की शुरुआत सिर्फ 250 रुपये से होती है.यही वजह है कि बच्चों के नाम पर शुरू की गई इस योजना में माता-पिता की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.
ये स्कीम कितनी सुपरहिट है, इसका अंदाजा आप इस आंकड़े से लगा सकते हैं कि अगस्त 2026 तक 4 लाख से ज्यादा पेरेंट्स अपने बच्चों का अकाउंट खुलवा चुके हैं.
एक साल में NPS अकाउंट हुआ डबल
आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 तक इस योजना से करीब 2.15 लाख बच्चे जुड़े थे. मार्च 2025 में यह संख्या लगभग 1.07 लाख थी. यानी एक साल में खातों की संख्या करीब दोगुनी हो गई.
NPS Vatsalya में माता-पिता या अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं. निवेश की शुरुआत 250 रुपये से हो सकती है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. बच्चे के रिश्तेदार और दोस्त भी उसके खाते में पैसे जमा कर सकते हैं.
स्कूल जाने वाले बच्चों की हिस्सेदारी ज्यादा
इस योजना में सबसे ज्यादा खाते 10 से 14 साल की उम्र के बच्चों के हैं. इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी 36.9% है. 5 से 9 साल के बच्चों की हिस्सेदारी 31.6%, 15 से 19 साल की उम्र वालों की 21.1% और 0 से 4 साल के बच्चों की 10.4% है.इस तरह 15 साल से कम उम्र के बच्चे कुल खाताधारकों में करीब 68.5% हैं. इससे पता चलता है कि कई माता-पिता बच्चों की कम उम्र से ही उनके भविष्य के लिए निवेश शुरू कर रहे हैं.
शेयर बाजार से जुड़ा है NPS वात्सल्य, जानिए कहां और कैसे बढ़ेगा आपका पैसा
NPS वात्सल्य एक मार्केट-लिंक्ड स्कीम है, यानी इसमें जमा आपका पैसा शेयर बाजार और सरकारी बॉन्ड्स जैसी जगहों पर निवेश किया जाता है. अलग-अलग पेंशन फंड मैनेजर इसे अपने हिसाब से इन्वेस्ट करते हैं. अगर आप इक्विटी का विकल्प चुनते हैं, तो लंबे समय में आपका फंड तेजी से बढ़ने का पूरा मौका रहता है.हालांकि, बाजार से जुड़ा होने के कारण इसमें रिटर्न फिक्स्ड या तय नहीं होता.
जरूरत पर निकाल सकते हैं पैसा
वैसे तो यह लंबे समय की योजना है, लेकिन इमरजेंसी में पैसे निकालने की छूट मिलती है. खाता खुलने के 3 साल बाद आप जमा की गई कुल रकम का 25% तक पैसा निकाल सकते हैं. इस पैसे का इस्तेमाल बच्चे की पढ़ाई, इलाज या किसी दूसरी खास जरूरत के लिए किया जा सकता है. हालांकि,25% की यह सीमा सिर्फ आपके द्वारा जमा किए गए पैसे पर लागू होती है, उस पर मिले रिटर्न या ब्याज पर नहीं.
18 के बाद भी जारी रह सकता है निवेश
बच्चे के 18 साल के होने के बाद भी खाते को तय नियमों के तहत आगे चलाया जा सकता है और इसे 21 साल की उम्र तक बनाए रखा जा सकता है. इसके बाद इसे सामान्य NPS खाते में बदला जा सकता है.
PPF और म्यूचुअल फंड से कैसे अलग?
NPS वात्सल्य, PPF और म्यूचुअल फंड तीनों अलग-अलग जरूरतों के लिए हैं. PPF उन लोगों के लिए है जो बिना किसी जोखिम के 100% सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं. वहीं म्यूचुअल फंड उन निवेशकों के लिए सही है जिन्हें बेहतर रिटर्न के साथ जब चाहें पैसे निकालने की पूरी छूट चाहिए. जबकि NPS वात्सल्य इन दोनों से अलग खास बच्चों के बेहद लंबे भविष्य के लिए है जिसमें 18 साल तक पैसे लॉक रहते हैं ताकि बीच में पैसे खर्च न हों और बच्चे के बड़े होने तक एक बड़ा फंड तैयार हो सके.
डिजिटल सर्विस से चुटकियों में खुल रहा खाता
पेंशन योजनाओं को अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और डिजिटल बना दिया गया है. एनपीएस (NPS) में किए गए नए बदलावों से अब सब कुछ एकदम साफ और पारदर्शी हो गया है. निवेशक अब बिना किसी उलझन के स्कीम के जोखिम, मिलने वाले रिटर्न और लगने वाले चार्ज की तुलना खुद कर सकते हैं. इतना ही नहीं, डिजिटल टेक्नोलॉजी की मदद से अब खाता खोलना इतना आसान हो गया है कि कुछ ही सेकंड में आपका एनपीएस अकाउंट चालू हो जाता है.
पेरेंट्स की पहली पसंद क्यों बन रहा NPS वात्सल्य?
महज ₹250 से शुरुआत, शेयर बाजार के जरिए फंड तेजी से बढ़ने का मौका और समय के साथ बदलाव करने की छूट जैसी खूबियों की वजह से NPS वात्सल्य पेरेंट्स के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है. अगर आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए लंबे समय में एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है.
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