NHAI के राजमार्ग इनवाइट IPO को मिला दमदार रिस्पॉन्स, हुआ 14 गुना ओवरसब्सक्राइब

NHAI Highway InvIT IPO: RIIT ने झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में मौजूद पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं खरीद ली हैं. इनकी कुल कीमत करीब 9,500 करोड़ रुपये है.

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NHAI Highway InvIT IPO: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI ने सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना (NMP-1) के तहत लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह पैसा उन्होंने टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (ToT), InvITs और सिक्योरिटाइजेशन जैसे तरीकों से प्राप्त किया. इस बेहतरीन काम की वजह से MoRTH को NMP-1 के तहत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला मंत्रालय माना गया है. यह दिखाता है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए नए और साफ-सुथरे तरीकों से फंड जुटा रही है.

NHAI Highway InvIT IPO

NMP-2 के तहत काम की रफ्तार बनाए रखने के लिए NHAI ने एक नया सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बनाया है, राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (RIIT). यह एक तरह का फंड है जिसमें जनता और संस्थान राजमार्ग परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं. यह फंड SEBI के नियमों के तहत चलता है, जिससे इसकी कामकाज प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी रहती है. RIIT की शुरुआत NHAI ने की है और इसका संचालन राजमार्ग इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड (RIIMPL) करता है. यह एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल में बना है. इसमें NHAI के साथ-साथ NaBFID, कई बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान भी शामिल हैं.

इस तरह की संरचना यह सुनिश्चित करती है कि कामकाज अच्छी तरह से नियंत्रित हो. पेशेवर लोग इसे प्रबंधित करें. लंबे समय तक धन का उपयोग सही तरीके से हो.

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RIIT ने झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में मौजूद पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं खरीद ली हैं. इनकी कुल कीमत करीब 9,500 करोड़ रुपये है. इन परियोजनाओं को खरीदने के लिए कंपनी इक्विटी और लोन, दोनों का इस्तेमाल कर रही है. कुल निवेश में से लगभग 6,000 करोड़ रुपये इक्विटी के रूप में जुटाए जा रहे हैं.

इस इक्विटी इश्यू में-

  • EPFO और SBI लाइफ इंश्योरेंस ने रणनीतिक निवेशकों के रूप में लगभग 1,260 करोड़ का योगदान दिया है .
  • एंकर निवेशकों (बीमा कंपनियां, पेंशन फंड आदि) ने लगभग 1,728 करोड़ का निवेश किया है .

कुल 2,100 करोड़ रुपये के शेयर आम लोगों यानी पब्लिक इन्वेस्टर्स के लिए रखे गए थे. इन शेयरों को खरीदने के लिए जितनी जरूरत थी, उससे करीब 14 गुना ज्यादा लोगों ने आवेदन कर दिया. इससे साफ पता चलता है कि निवेशकों को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और सरकार की मॉनेटाइजेशन प्रोग्राम पर भरोसा है.

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