म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई को साइबर फ्रॉड और अनधिकृत लेनदेन से बचाने के लिए एक नई सुरक्षा दीवार तैयार की है. अब आप अपने म्यूचुअल फंड फोलियो को अपनी मर्जी से 'लॉक' कर सकेंगे.
इसे आसान भाषा में समझें तो यह वैसी ही सुविधा है जैसे आप अपने एटीएम कार्ड को चोरी होने के डर से मोबाइल ऐप के जरिए 'ब्लॉक' या 'फ्रीज' कर देते हैं. आइए जानते हैं कि यह सुविधा आपके लिए कितनी काम की है:
क्या है 'स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज' सुविधा?
सेबी ने इसे 'वॉलंटरी डेबिट फ्रीज' (Voluntary Debit Freeze) नाम दिया है. इसके तहत अगर आपको लगता है कि आपके म्यूचुअल फंड खाते के साथ कोई छेड़छाड़ हो सकती है या आप लंबे समय के लिए निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आप उसे लॉक कर सकते हैं. एक बार लॉक होने के बाद, उस फोलियो से आपकी यूनिट्स को कोई भी डेबिट (यानी बेच या निकाल) नहीं कर पाएगा.
आपको क्या फायदे होंगे?
- डिजिटल सुरक्षा: आजकल बढ़ते साइबर फ्रॉड के दौर में यह फीचर आपके निवेश को हैकर्स से सुरक्षित रखेगा.
- अवैध ट्रांजैक्शन पर रोक: आपकी जानकारी के बिना आपके फंड्स को कोई रिडीम नहीं कर पाएगा.
- सुविधा: यह सुविधा उन निवेशकों के लिए भी होगी जिनके पास डीमैट खाता है और उनके लिए भी जो बिना डीमैट के निवेश करते हैं.
कैसे और कब उठा सकेंगे लाभ?
ये सुविधा 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगी. शुरुआत में आप इसे 'MF Central' पोर्टल या ऐप के जरिए इस्तेमाल कर सकेंगे. जरूरी शर्त ये है कि आपका केवाईसी (KYC) अपडेट होना चाहिए और खाते में सही मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी दर्ज होनी चाहिए.
म्यूचुअल फंड संगठन 'एम्फी' (AMFI) जल्द ही इसके लिए विस्तृत नियम जारी करेगा कि इसे अनलॉक कैसे करना है और लॉक के दौरान कौन से जरूरी लेनदेन (जैसे SIP) जारी रह सकेंगे. यह कदम छोटे निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करेगा.














