New Labour Code on Wages 2026: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो ऑफिस या फैक्ट्री में अपनी 8-9 घंटे की शिफ्ट के बाद भी काम में उलझे रहते हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है. नए लेबर लॉ के तहत कर्मचारियों के हक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है. अब अगर आप ऑफिस में अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद एक्स्ट्रा काम करते हैं, तो कंपनी को आपको उस एक्स्ट्रा समय के लिए डबल वेज' (Double Wage) यानी सामान्य सैलरी से दोगुना पेमेंट देना होगा. यानी आपकी एक्स्ट्रा मेहनत बेकार नहीं जाएगा बल्कि इससे आपकी इनकम बढ़ेगी.
क्या होता है ओवरटाइम और क्यों बदला नियम?
सीधे शब्दों में कहें तो नए नियमों के मुताबिक, अपनी तय शिफ्ट के अलावा किया गया हर मिनट का काम ओवरटाइम' कहलाता है. पहले कई कंपनियां काम तो ज्यादा करा लेती थीं, लेकिन पैसे देने के नाम पर हाथ पीछे खींच लेती थीं. इसी शोषण को रोकने के लिए सरकार और श्रम विभाग ने अब सख्ती बढ़ा दी है. कंपनियों को साफ कह दिया गया है कि वे हर कर्मचारियों के ओवरटाइम का सही-सही रिकॉर्ड रखें.
नए नियमों के मुताबिक, कोई भी कंपनी कर्मचारी को ओवरटाइम के पैसे देने से मना नहीं कर सकती. अगर कोई कंपनी आनाकानी करती है, तो उस पर भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
नए लेबर लॉ में ऐसे कैलकुलेट होगा ओवरटाइम
नए नियमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब छोटी-छोटी टाइमिंग को भी ओवरटाइम में गिना जाएगा....
- अगर आपने शिफ्ट के बाद 15 से 30 मिनट तक एक्स्ट्रा काम किया है, तो उसे आधा घंटा (30 मिनट) का ओवरटाइम माना जाएगा.
- अगर काम 30 मिनट से ज्यादा होता है, तो उसे पूरे 1 घंटे का ओवरटाइम गिना जाएगा.
- पहले 1 या 2 घंटे ज्यादा काम कराकर अक्सर कंपनियां इसे नजर अंदाज कर देती थीं, लेकिन अब ऐसा करना गैर-कानूनी होगा.
क्या हैं ओवरटाइम की लिमिट?
सरकार ने कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ओवरटाइम की एक लिमिट भी तय की है.
- नए लेबल लॉ में कर्मचारियों के लिए 8 घंटे का वर्किंग डे और 48 घंटे का वर्किंग वीक तय किया गया है.
- किसी भी कर्मचारी से एक हफ्ते में बिना ओवरटाइम के 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकता.
- आप 5 दिन काम करें या 4 दिन हफ्ते में काम के कुल घंटे अब भी 48 ही रहेंगे.
- अगर कोई कर्मचारी 4 दिन काम करता है तो एक दिन में उसका काम का समय 12 घंटे तक हो सकता है. इसमें काम के बीच मिलने वाला ब्रेक भी शामिल होता है.
- ओवरटाइम मिलाकर भी एक दिन में काम की कुल अवधि 12 घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए.
- एक तिमाही (3 महीने) में अधिकतम 125 से 144 घंटे (राज्यों के नियमों के अनुसार) तक ही ओवरटाइम किया जा सकता है.
ओवरटाइम में 'दोगुनी' कमाई गणित समझिए
नए नियमों ने कर्मचारियों की मौज कर दी है. अब ओवरटाइम के पैसे कुछ इस तरह मिलेंगे...अगर आप अपनी शिफ्ट के बाद ज्यादा काम करते हैं, तो आपको डबल सैलरी मिलेगा. आसान भाषा में कहें तो 1 घंटा एक्स्ट्रा काम किया तो 2 घंटे के बराबर पैसे देने होंगे.कोई भी कंपनी अपने कर्मचारी को ओवरटाइम का पैसा देने से इनकार नहीं कर सकती. यह आपका कानूनी हक है. यह जो डबल पैसा आपको मिलेगा, वह आपकी बेसिक सैलरी + डीए (DA) के हिसाब से कैलकुलेट किया जाएगा.
2 दिन में देना होगा ओवरटाइम के बकाया पैसे का हिसाब
नए लेबर कोड में एक और राहत की बात यह है कि अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है, उसे निकाला जाता है या वह इस्तीफा देता है, तो कंपनी को उसका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 2 वर्किंग डेज के भीतर करना होगा. इसमें ओवरटाइम के बकाया पैसे भी शामिल होंगे.
इस नए कानून का असली मकसद कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और ऑफिस कल्चर में पारदर्शिता लाना है. अब कर्मचारी बिना डरे अपना ओवरटाइम पेमेंट मांग कर सकते हैं.
ये भी पढ़ें- 8th Pay Commission: 18 के बदले केवल 7 पे-लेवल की मांग! ऐसा हुआ तो सैलरी में बंपर उछाल तय, प्रमोशन प्रोसेस होगा आसान













