नया इनकम टैक्स कानून कैसे आपकी लाइफ को करेगा आसान? बजट में टैक्सपेयर्स के लिए हुआ ये ऐलान

New Tax Rules 2026: पहले इनकम टैक्स कानून में 800 से ज्यादा सेक्शन थे. नए सिस्टम में सेक्शंस और चैप्टर्स की संख्या आधे से भी कम कर दी गई है. मतलब, अब टैक्स समझना और भी आसान होगा.

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New Income Tax Act 2025: टैक्सपेयर्स के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि Tax Slabs में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
नई दिल्ली:

New Income Tax Act 2025 Explained अगर आप नौकरी करते हैं, बिजनेस करते हैं या टैक्स रिटर्न भरते हैं, तो 1 अप्रैल से आपकी टैक्स से जुड़ी दुनिया बदलने वाली है. बजट 2026 में सरकार ने नया इनकम टैक्स कानून लागू करने का ऐलान किया है. इसका मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना है ताकि आम लोगों को समझने में परेशानी न हो.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसके साथ ही करीब 60 साल पुराना इनकम टैक्स कानून खत्म हो जाएगा. सरकार का कहना है कि नए नियम ऐसे बनाए गए हैं जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें और बिना डर के टैक्स भर सकें.

नए इनकम टैक्स एक्ट में क्या-क्या बदलेगा? 

  1. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब Assessment Year और Previous Year जैसे मुश्किल शब्दों का इस्तेमाल नहीं होगा. इनके बजाय सिर्फ एक आसान शब्द होगा Tax Year. टैक्स ईयर का मतलब होगा 1 अप्रैल से 31 मार्च तक का पूरा साल. अगर कोई नया बिजनेस शुरू होता है या कोई नई कमाई शुरू होती है, तो उसी दिन से टैक्स ईयर माना जाएगा.
  2. नए इनकम टैक्स एक्ट में पूरे स्ट्रक्चर को आसान बनाया गया है. पहले जहां 800 से ज्यादा सेक्शन थे, अब उनकी संख्या कम कर दी गई है. चैप्टर भी पहले से आधे से ज्यादा घटा दिए गए हैं. इसके साथ ही टेबल और आसान फॉर्मूले जोड़े गए हैं ताकि टैक्स से जुड़े नियम समझने में दिक्कत न हो.
  3. एक राहत की बात यह भी है कि अगर आप किसी वजह से समय पर अपना ITR नहीं भर पाए, तब भी टेंशन की बात नहीं है. नए नियमों के मुताबिक, आप देरी से इनकम टैक्स रिटर्न भरने पर भी अपना TDS रिफंड क्लेम कर सकेंगे और आप पर कोई भारी जुर्माना नहीं लगेगा.
  4. टीडीएस से जुड़े नियम भी आसान कर दिए गए हैं. पहले टीडीएस (TDS) के नियम अलग-अलग जगहों पर बिखरे हुए थे. अब इन्हें एक ही सेक्शन में समेट दिया गया है, जिससे सैलरीड क्लास और बिजनेसमैन दोनों को आसानी होगी.
  5. अब आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या किसी अधिकारी के सामने पेश होने की जरूरत नहीं पड़ेगी.सरकार ने यह भी साफ किया है कि टैक्स सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा. फेसलेस जांच और ऑनलाइन प्रोसेस को बढ़ावा मिलेगा ताकि लोगों को ऑफिस के चक्कर न काटने पड़ें और भ्रष्टाचार भी कम हो.

नए कानून में टैक्स विवाद सुलझाने के लिए भी आसान और यूजर फ्रेंडली तरीका लाया गया है. सरकार चाहती है कि टैक्स से जुड़ी लड़ाइयां कम हों और लोगों का भरोसा सिस्टम पर बढ़े.

टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

बता दें कि इस नए कानून में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आपकी टैक्स दर वही रहेगी जो अभी है. बदलाव सिस्टम और भाषा में किया गया है ताकि टैक्स से जुड़ी उलझन कम हो और कोर्ट केस भी घटें.

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