Life Insurance vs Term Insurance: भारतीय घरों में अक्सर लोग LIC या बीमा को दो वजहों से लेते हैं. पहला टैक्स बचाने के लिए या रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए पैसे जोड़ने के लिए. लेकिन एक सवाल हम अपने आप से नहीं पूछते कि अगर हमारे साथ कुछ हो जाए, तो क्या ये पॉलिसी हमारे परिवार को सच में संभाल पाएगी? 'LIC की रिपोर्ट बताती है कि लोग बीमा तो खूब ले रहे हैं, लेकिन असल सुरक्षा बहुत कम है. मतलब साफ है, हम पैसे जमा करने वाला बीमा ले रहे हैं, लेकिन परिवार को बचाने वाला बीमा लगभग ना के बराबर है.
निवेश के चक्कर में असली सेफ्टी गायब
भारत में बीमा बहुत लोग लेते हैं, लेकिन एक बड़ी गलती करते हैं. हम बीमा को परिवार की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पैसे बचाने या निवेश के रूप में देखते हैं. ज्यादातर लोग एंडोमेंट या मनी‑बैक पॉलिसी लेते हैं क्योंकि इसमें कहा जाता है पैसा वापस मिलेगा. लेकिन समस्या ये है कि ऐसी पॉलिसी में प्रीमियम बहुत ज्यादा होता है और बदले में बीमा कवर बहुत कम मिलता है.
मान लीजिए आप हर साल 50,000 रुपये भरते हैं और कवर मिलता है सिर्फ 5 से 10 लाख रुपये. आज के जमाने में इतनी महंगाई में 10 लाख रुपये से एक मिडिल क्लास फैमिली मुश्किल से 1 साल ही अपना काम चला पाएगा.
क्या होता है प्रोटेक्शन गैप?
प्रोटेक्शन गैप का मतलब है आपके परिवार को जितने पैसों की जरूरत पड़ेगी और बीमा से मिलने वाले पैसों के बीच का फर्क होना. भारत में ये फर्क बहुत ज्यादा है. समस्या ये है कि ज्यादातर लोग अपनी सालाना कमाई का सिर्फ 2–3 गुना ही बीमा कवर लेते हैं, जबकि एक्सपर्ट कहते हैं कि बीमा कवर कम से कम 10 से 15 गुना होना चाहिए.
उदाहरण के लिए अगर आपकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये है तो लोग सिर्फ 10 से 15 लाख का कवर लेते हैं, जबकि सही कवर होना चाहिए ₹50–75 लाख. इस कम बीमा की वजह से किसी अनहोनी में परिवार को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कर्ज लेना पड़ता है. सीधी बात है आपके पास बीमा है, लेकिन पूरा नहीं, इसलिए सेफ्टी अधूरी है.
टर्म इंश्योरेंस क्यों है जरूरी?
टर्म इंश्योरेंस मतलब परिवार की सेफ्टी. इसमें कोई पैसा वापस नहीं मिलता. लेकिन कम प्रीमियम में बहुत बड़ा कवर मिल जाता है. उदाहरण के लिए हर साल थोड़ा प्रीमियम ज्यादा देने से बदले में 50 लाख रुपये, 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की सेफ्टी मिल जाती है. फिर भी लोग इसे नहीं लेते, क्योंक इसमें पैसा वापस नहीं मिलता है. यही सोच नुकसान करती है. एजेंट इसी बात का फायदा उठाकर महंगे एंडोमेंट प्लान बेच देते हैं, जिनका रिटर्न भी कमजोर होता है और सेफ्टी भी पूरी नहीं होती है.
निवेश के आगे सेफ्टी क्यों?
- महंगाई
आज 50 लाख रुपये बहुत लगते हैं. लेकिन 20 साल बाद उनकी वैल्यू बहुत कम हो जाएगी. इसलिए अगर कवर कम होगा, परिवार महंगाई से नहीं लड़ पाएगा.
- लोन और EMI
आज ज्यादातर लोगों के पास होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन होता है. इसलिए बीमा इतना होना चाहिए कि आपके ना रहने पर सारा कर्ज चुक जाए.
- बच्चों का भविष्य
आज पढ़ाई बहुत महंगी है. बीमा ऐसा हो कि आपके बिना भी बच्चों की पढ़ाई और सपने ना रुकें.
सीधी बात है बीमा का मतलब पैसा कमाना नहीं बल्कि परिवार को मुसीबत से बचाना है और इसके लिए फुली टर्म इंश्योरेंस सबसे सही, सबसे सस्ता और सबसे जरूरी ऑप्शन है.
कैसे बदलें अपनी इंश्योरेंस स्ट्रेटेजी?
अगर आपने भी अब तक सिर्फ निवेश वाली पॉलिसियां ली हैं, तो अभी भी समय है अपनी प्लानिंग बदल लें. निवेश के लिए म्यूचुअल फंड, पीपीएफ या स्टॉक्स चुनें और लाइफ की सेफ्टी के लिए सिर्फ टर्म प्लान. अगर आपकी एनुअल इनकम 10 लाख रुपये है, तो कम से कम 1.5 करोड़ रुपये का टर्म प्लान जरूर लें. जितनी कम उम्र में टर्म प्लान लेंगे, प्रीमियम उतना ही कम रहेगा और ये पूरी उम्र के लिए लॉक हो जाएगा.
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