Gas Price News: देश भर में इस समय रसोई गैस सिलेंडर (LPG)को लेकर काफी हलचल मची है. एक तरफ हाल ही में,7 मार्च को तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर (Domestic LPG Price)की कीमतों में ₹60 तक की भारी बढ़ोतरी की थी. सिर्फ घर की रसोई ही नहीं, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाला 19 किलो का कमर्शियल गैस सिलेंडर भी ₹144 महंगा हो गया है. दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹1,884.50 तक पहुंच गई है. वहीं दूसरी तरफ मिडल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. आलम यह है कि सरकार को घरेलू रसोई को बचाने के लिए कमर्शियल सेक्टर की गैस सप्लाई में कटौती करनी पड़ रही है.
ऐसे में गैस की बुकिंग करने से पहले यहां जानिए आज,12 मार्च 2026 को आपके शहर में एलपीजी सिलेंडर का ताजा भाव क्या है . इसके साथ ही जानेंगे कि इस एलपीजी गैस संकट की असली वजह क्या है और इससे निपटने के लिए सरकार की क्या तैयारी है...
आज आपके शहर में LPG के दाम (LPG Price)
7 मार्च को हुई बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलो वाले घरेलू और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम कुछ इस तरह हैं...
LPG KYC
Photo Credit: File Photo
उज्ज्वला योजना वालों को राहत
भले ही आम आदमी के लिए सिलेंडर ₹913 (दिल्ली) का है, लेकिन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को अभी भी यह ₹613 में मिल रहा है. सरकार के मुताबिक, हालिया बढ़ोतरी का बोझ इन परिवारों पर रोज के 80 पैसे से भी कम पड़ेगा.
क्यों पैदा हुआ यह LPG गैस संकट?
भारत अपनी जरूरत का 62% LPG आयात (Import) करता है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) का समुद्री रास्ता बंद हो गया है. भारत के लगभग 90% गैस आयात इसी रास्ते से आते हैं, जिससे सप्लाई चेन टूट गई है.
होटल-रेस्टोरेंट पर पाबंदी, क्या है सरकार की तैयारी?
गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने आदेश दिया है कि फिलहाल सारा स्टॉक सिर्फ घरेलू ग्राहकों, अस्पतालों और स्कूलों को दिया जाएगा. इसके चलते दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के रेस्टोरेंट में गैस की किल्लत शुरू हो गई है. कई होटल मालिकों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई नहीं सुधरी तो उन्हें वर्किंग आवर्स कम करने पड़ेंगे या मेन्यू छोटा करना होगा.
बढ़ती मांग को कंट्रोल करने के लिए दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच का गैप 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. पहले ग्राहक 21 दिन के बाद दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे.
डिलीवरी के समय धोखाधड़ी रोकने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) सिस्टम को अब 90% ग्राहकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सिलेंडर सही ग्राहक तक ही पहुंच रहा है.
सिलेंडर की डिलीवरी का साइकल अभी भी लगभग ढाई दिन का बना हुआ है.
सरकार ने साफ किया है कि बाजार में गैस की कमी की खबरों के चलते लोग पैनिक बुकिंग यानी घबराहट में बुकिंग) और जमाखोरी कर रहे हैं. हालांकि,सरकार का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है.














