ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर छाया लोकसभा चुनाव, राजनीतिक पार्टियों के झंडे से लेकर पेंडेंट मचा रहा धूम

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर इन सामानों के आपूर्तिकर्ताओं में से एक ने खुलासा किया कि लोकसभा चुनावों में ऐसी वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री में वृद्धि देखी गई.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
ई-कॉमर्स मंचों पर विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंधित सामान सबसे ज्यादा देखा जा रहा है.
नई दिल्ली:

भारत में आम चुनाव-2024 के करीब आते-आते राजनीतिक उत्साह ई-कॉमर्स क्षेत्र में भी व्याप्त हो गया है. ई-कॉमर्स मंचों पर विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंधित सामान सबसे ज्यादा देखा जा रहा है. ये ऑनलाइन मंच चुनाव से संबंधित सभी उत्पाद जैसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘कमल' से लेकर पुरानी समुद्री घड़ियों पर आम आदमी पार्टी (आप) का चुनाव चिह्न झाड़ू और कांग्रेस के प्रसिद्ध दुपट्टे आदि पेश करते हैं.बस, किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर किसी भी राजनीतिक दल का नाम दर्ज करें, और झंडे से लेकर पेंडेंट (गले में पहना जाने वाला) और पेन तक विविध प्रकार के सामान पेज पर आ जाएंगे.

एक ई-कॉमर्स मंच की एक प्रतिनिधि ने कहा कि यह प्रवृत्ति शुरू में 2019 के चुनावों के दौरान उभरी जब ई-कॉमर्स मंच प्रचार माल और सहायक उपकरण के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गए. उन्होंने कहा, “जब सब कुछ ऑनलाइन बेचा जाता है, तो यह क्यों नहीं. ...और विक्रेता ही इसे हमारे मंच पर डालते हैं और ई-कॉमर्स वेबसाइटों को बस यह जांचना है कि यह नियमों का पालन करता है कि नहीं.”

विशेष रूप से, कुछ राजनीतिक दलों ने स्वयं अपनी-अपनी वेबसाइटों पर ऐसे सामान बेचने में सक्रियता दिखाई है. उदाहरण के लिए, ‘नमो' मर्चेंडाइज वेबसाइट ‘मोदी का परिवार', ‘फिर एक बार, मोदी सरकार', ‘मोदी की गारंटी', और ‘मोदी है तो मुमकिन है' जैसे नारों से सजी टी-शर्ट, मग, लोटा, नोटबुक, बिल्ला, रिस्टबैंड (कलाई पर बांधा जाने वाला), चाभी का छल्ला, स्टिकर, चुम्बक, टोपी और कलम आदि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का दावा करती है.

इस पर पीटीआई-भाषा द्वारा अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट से प्रतिक्रिया मांगने का प्रयास किया गया लेकिन दोनों मंचों से प्रतिक्रिया नहीं मिली.हालांकि, ई-कॉमर्स मंच पर इन सामानों के आपूर्तिकर्ताओं में से एक ने खुलासा किया कि लोकसभा चुनावों में ऐसी वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री में वृद्धि देखी गई.आपूर्तिकर्ता ने कहा, “पहले, हमारी आपूर्ति दुकानों को होती थी, लेकिन ऑनलाइन खुदरा मंचों की ओर झुकाव को देखते हुए हमें इसे अपनाना ही ठीक लगा.”

Advertisement

बता दें कि देश में लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से सात चरणों में होने हैं. वहीं, मतगणना चार जून को होगी.
 

Featured Video Of The Day
Iran Israel War BREAKING: ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर हमला! E-3 Sentry AWACS विमान तबाह
Topics mentioned in this article