Share Market Fall: AI का ये कैसा खौफ कि आईटी सेक्‍टर से 8 दिन में 6 लाख करोड़ हो गए स्‍वाहा!

अमेरिका में AI स्टॉक्स में बिकवाली और महंगाई डेटा से अनिश्चितता के कारण भारतीय IT शेयरों में भी गिरावट आई है, जिससे बाजार दबाव में है. लगभग 2500 शेयर नुकसान में ट्रेड कर रहे हैं, 118 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर और 62 में लोअर सर्किट लगा, जिससे बाजार मंदी की ओर है.

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IT Shares Crash: आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, शेयर मार्केट गिरा

Share Market Fall Reasons: शेयर मार्केट में आज शुक्रवार को गिरावट देखी जा रही है. ये गिरावट लगातार जारी है. आज भी सुबह करीब 11:45 बजे सेंसेक्‍स करीब 813 प्‍वाइंट नीचे 82,861 पर ट्रेड करता दिखा. वहीं, निफ्टी में भी 252 अंकों या 0.98 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है और ये 25,550 के करीब कारोबार करता दिखा.

देश का आईटी सेक्‍टर भारी मंदी का सामना कर रहा है. तेजी से बढ़ती AI कैपेबिलिटी के चलते TCS, इंफोसिस जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में भारी गिरावट देखी जा रही है. आईटी शेयरों में आज बड़ी गिरावट देखी जा रही है. खासतौर से इंफोसिस, TCS जैसे शेयर करीब 6% तक टूट गए. 

8 दिनों में मार्केट कैप से 6 लाख करोड़ स्वाहा

250 बिलियन डॉलर की वैल्‍यू वाला आईटी सेक्‍टर बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 8 कारोबारी सत्रों में निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं. पिछले 8 दिनों में इंफोसिस 21%, TCS 19%, और HCL टेक 17% तक टूट चुके हैं . TCS का मार्केट कैप अक्टूबर 2020 के स्तर से भी नीचे गिरकर 10 लाख करोड़ से कम रह गया है. 

वहीं दूसरी ओर निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी में 3% से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है. मेटल में हिंडाल्को और नेशनल एल्युमिनियम जैसे शेयर करीब 5% गिरे हैं. वहीं रियल्‍टी में DLF, गोदरेज प्रॉपर्टीज करीब 4% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं. 

यहां तक कि शानदार नतीजों के बाद 2,300 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का ऑर्डर मिलने के बावजूद HAL के शेयरों में बड़ा उछाल नहीं देखा गया. सुबह 11:50 बजे तक इसमें महज 2 फीसदी का उछाल देखा गया. बाकी शेयरों का बुरा हाल है. बहरहाल, सवाल है कि शेयर मार्केट में इस गिरावट के पीछे की वजहें क्‍या हैं.  

US में नए AI टूल्‍स का खौफ, एंथ्रोपिक एक बड़ी वजह 

अमेरिका में पिछले कुछ दिनों से AI संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं. अमेरिका में AI स्टॉक्स में बिकवाली दिखी. 'क्‍लाउड कोवर्क' (Claude Cowork) के जरिये दुनियाभर के जॉब सेक्‍टर में खलबली मचाने वाली अमेरिकी AI स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) भी इसके पीछे की एक वजह है. लोगों के अंदर एक भय सा है कि नए AI टूल्स पारंपरिक IT सर्विसेज के बिजनेस को प्रभावित कर सकती हैं.  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत, विशेषकर एंथ्रोपिक के Claude 4.6, ने परंपरागत आउटसोर्सिंग मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बाजार को डर है कि AI के आने से आईटी कंपनियों में नौकरियों और काम के घंटों (headcount-based billing) में भारी कमी आएगी.

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अमेरिका में AI इफेक्‍ट, भारत में भी असर  

  • डाउ जोन्स 669 अंक (1.34%) की गिरावट के साथ 49,451 पर बंद  
  • टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 2.03% टूटकर 22,597 पर बंद  
  • S&P 500 इंडेक्स 108 अंक (1.57%) फिसलकर 6,832 पर 
अब चूंकि भारतीय IT कंपनियों के अमेरिका में काफी सारे क्‍लाइंट्स है, जिनसे ये कंपनियां मोटी कमाई करती हैं, इसलिए इनकी सर्विसेज भी प्रभावित होने की आशंका है. ऐसे में अमेरिकी मार्केट में‍ गिरावट का असर भारतीय IT सेक्‍टर्स के शेयरों पर भी दिख रहा है. IT शेयरों में बिकवाली जारी है.

घरेलू बाजार की हालत 

भारतीय शेयर बाजार (BSE) इस समय बेहद कमजोर स्थिति में है. बाजार का झुकाव पूरी तरह मंदी की ओर है. करीब 2,500 शेयर घाटे (लाल निशान) के साथ ट्रेड कर रहे हैं, जबकि बढ़त बनाने वाले शेयरों की संख्या 1,000 से भी कम है. NDTV Profit के अनुसार, आज 118 शेयर गिरकर अपने साल के सबसे निचले स्तर (52-week low) पर पहुंच गए हैं. 62 शेयरों में इतनी भारी बिकवाली हुई कि उनमें 'लोअर सर्किट' (ट्रेडिंग पर रोक) लग गया है. 

अमेरिका के महंगाई डेटा पर नजर 

दुनिया भर के निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई दर के आंकड़ों (CPI Data) पर टिकी है. इस अनिश्चितता के बीच बॉन्ड यील्ड में गिरावट देखी जा रही है. अमेरिका के 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड गिरकर 4.10% पर आ गई है. ब्लूमबर्ग के अनुसार, निवेशकों ने 30 साल के सरकारी बॉन्ड खरीदने में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई है.

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क्‍या इसे खरीदारी का मौका समझा जाए?

जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने इसे खरीदारी का मौका बताया है. उनका कहना है कि आईटी कंपनियां 'टेक्नोलॉजी जगत की प्लम्बर' (plumbers) हैं और AI के आने के बाद भी उनकी जरूरत बनी रहेगी. बाजार मूल्य में भारी गिरावट आ रही है. निवेशक पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल के भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं. अगले हफ्ते आने वाले सत्रों से पता चलेगा कि इन शेयरों के लिए सबसे बुरा दौर खत्म हो गया है या नहीं.

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