मार्केट कैप से साफ हो गए 33.68 लाख करोड़, मिडिल ईस्‍ट जंग के बीच बाजार में आखिर हुआ क्‍या?

Israel-Iran War Impact on Share Market: भारतीय शेयर बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह तेल की सप्लाई पर मंडराता खतरा है. निवेशकों में इस डर की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल है, जो $100 प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा है.

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Israel-Iran War Impact on Share Market: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर ग्लोबल मार्केट पर दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल के दाम हर दिन रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं. इसके अलावा गैस की किल्लत से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है. भारत के साथ कई देशों के शेयर बाजार गोता खा रहे हैं. ईरान-इजरायल जंग शुरू होने से भारतीय शेयर बाजार दबाव में है, नतीजन इस जंग की वजह से निवेशकों की संपत्ति अभी तक 33.68 लाख करोड़ रुपये कम हो चुकी है.

सेंसेक्स में दिखी बड़ी गिरावट

सेंसेक्स 27 फरवरी के बाद से लेकर 13 मार्च के दौरान कुल 6,723 प्वाइंट यानी करीब 8.27% गिर चुका है. इस दौरान बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप 33.68 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 4.65 हजार अरब डॉलर रह गया है.

Israel-Iran War Impact on Share Market

मार्केट की स्थिति पर क्या बोले एक्सपर्ट?

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर. ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग दूसरे हफ्ते में पहुंच गई है और हालात सुधरते नहीं दिख रहे. दोनों तरफ से हमले और धमकियां जारी हैं. इस अनिश्चित माहौल की वजह से दुनिया भर के निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और बहुत सोच समझकर निवेश कर रहे हैं."

कच्चे तेल और एशियाई बाजारों का दबाव

भारतीय शेयर बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह तेल की सप्लाई पर मंडराता खतरा है. निवेशकों में इस डर की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल है, जो $100 प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा है. बीते दिन ब्रेंट क्रूड $98 के आसपास बना हुआ था. वहीं दो दिन पहले तो इसने $100 का आंकड़ा भी पार कर लिया था. युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट जैसे  रास्तों से जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है.

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