शेयर बाजार में कब थमेगा कोहराम? एक्सपर्ट से जाने कैसी रहेगी मार्केट की चाल

गोल्डिलॉक्स ग्लोबल रिसर्च के संस्थापक गौतम शाह के अनुसार, बाजार मार्च–अप्रैल 2025 में देखे गए निचले स्तरों तक फिर से जा सकता है. पर अभी तक कोई साफ संकेत नहीं है कि क्या बाजार अपनी सबसे निचली स्थिति पर पहुंच गया है या नहीं.

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इजरायल-ईरान जंग के बीच एक सवाल भारतीय निवेशकों के दिमाग में हर पल आ रहा होगा कि शेयर बाजार में कब थमेगा कोहराम? बीते दिन सेंसेक्स 1,352.74 अंक गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 422.40 अंक की गिरावट के साथ 24,028.05 के स्तर पर रहा. भारत का VIX सूचकांक, जिसे अक्सर बाजार में डर का सूचकांक कहते हैं,जो पिछले हफ्ते में ही 70% बढ़ा है. इससे पता चलता है कि निवेशक ग्लोबल टेंशन के बीच निवेश करने से कतरा रहा है.

इस खबर में एक्सपर्ट से जानिए कि आने वाले दिनों मार्केट की चाल किस तरह रह सकती है.

'भारतीय बाजारों पर पॉजिटिव रहें'

प्राइम सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ एन. जयकुमार का मानना है कि दुनिया में भले ही अफरा-तफरी और अनिश्चितता बढ़ी हुई है, लेकिन भारत का शेयर बाजार मजबूत बना हुआ है और आगे भी अच्छा कर सकता है. उन्होंने एनडीटीवी प्रॉफिट से बात करते हुए कहा, "पिछले कुछ महीनों में भारतीय बाजारों ने बाकी एशियाई देशों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया है. इसका मतलब है कि भारत में निवेशक ज्यादा एक्टिव हैं और अर्थव्यवस्था भी मजबूत है. जैसे ही दुनिया में तनाव कम होता है, शेयर बाजार आमतौर पर स्थिर हो जाते हैं और निवेशकों का भरोसा वापस आता है."

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'निवेशकों को घबराने के बजाय तैयार रहना चाहिए'

निवेशक विजय केडिया ने कहा, "दुनिया में बढ़ते तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से शेयर बाजार 20–25% तक गिर सकता है. इसलिए निवेशकों को घबराने के बजाय तैयार रहना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि बाजार में इस समय बहुत उतार-चढ़ाव है. ऐसी स्थिति में जल्दबाज़ी करके निवेश न करें. पहले बाजार को थोड़ा स्थिर होने दें, फिर ही नया निवेश करें."

'धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर'

केडिया का कहना है कि कोई भी यह सही-सही नहीं बता सकता कि बाज़ार का बिलकुल निचला स्तर कब आएगा. इसलिए उस पर ध्यान देने के बजाय सही समय देखकर धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर है. बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और पीएसयू (PSU) सेक्टर आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. हालांकि डिफेंस सेक्टर का लंबे समय में भविष्य अच्छा है, क्योंकि सरकार घरेलू उत्पादन पर जोर दे रही है.

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार अस्थिर रह सकता है. निफ्टी में जो तेज गिरावट आई है, उसके बाद यह करीब 24 हजार के आसपास टिका हुआ है. वहीं, गोल्डिलॉक्स ग्लोबल रिसर्च के संस्थापक गौतम शाह के अनुसार, बाजार मार्च–अप्रैल 2025 में देखे गए निचले स्तरों तक फिर से जा सकता है. पर अभी तक कोई साफ संकेत नहीं है कि क्या बाजार अपनी सबसे निचली स्थिति पर पहुंच गया है या नहीं.

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