Iran-Israel War के बीच कहां पैसा लगाएं? Experts से जानिए शेयर मार्केट, सोना-चांदी और क्रिप्‍टो पर कैसा असर होगा

विशेषज्ञों को उम्मीद है कि कोई बड़ी 'पैनिक सेलिंग' (घबराहट में बिक्री) के बजाय बाजार सोमवार को कमजोर या सीमित दायरे में खुल सकता है. शुक्रवार को भारतीय बाजार में पहले ही भारी बिकवाली देखी जा चुकी है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Investment Strategy: ईरान-इजरायल युद्ध से शेयर बाजार में रेड अलर्ट, सोना ₹1.70 लाख के पार जाने की आहट!

दुनिया के कई देश युद्ध की स्थिति से गुजर रहे हैं और इस बीच निवेशकों का सेंटिमेंट भी हिला हुआ है. पश्चिम एशिया (Middle East) के आसमान में मंडराते युद्ध के काले बादलों ने न केवल सरहदों पर तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि दुनिया भर के वित्तीय बाजारों की नींद भी उड़ा दी है. इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए 'प्रीवेंटिव स्ट्राइक' (एहतियाती हमले) के बाद तेहरान की धरती धमाकों से दहल उठी है. इस सैन्य टकराव की तपिश अब दलाल स्ट्रीट से लेकर सोने के चमकते बाजारों और डिजिटल करेंसी की दुनिया तक महसूस की जा सकती है. विश्वयुद्ध के इस मुहाने पर खड़े वैश्विक बाजार के लिए आने वाला सोमवार 'ब्लैक मंडे' साबित होगा या सतर्कता की नई इबारत लिखेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.

Share Market: दलाल स्ट्रीट पर 'रेड अलर्ट', कमजोर शुरुआत की आशंका

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ने की आशंका है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो निवेशकों के मन में अनिश्चितता का डर हावी रहेगा. IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इजरायली रक्षा बलों (IDF) द्वारा ईरान के ठिकानों पर की गई कार्रवाई से वैश्विक स्तर पर 'रिस्क-ऑफ' (Risk-off) का माहौल बन गया है.

हालांकि, राहत की बात यह है कि शुक्रवार को भारतीय बाजार में पहले ही भारी बिकवाली देखी जा चुकी है, इसलिए विशेषज्ञों को उम्मीद है कि कोई बड़ी 'पैनिक सेलिंग' (घबराहट में बिक्री) के बजाय बाजार कमजोर या सीमित दायरे में खुल सकता है. तकनीकी रूप से, निफ्टी-50 अपने 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे बंद हुआ है, जो मध्यम अवधि की कमजोरी का संकेत है. अब बाजार के लिए 25,000-25,050 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 25,350 पर कड़ी चुनौती मिलेगी.

Gold-Silver: सुरक्षित निवेश के लिए सोना-चांदी से उम्‍मीद 

जब-जब दुनिया में युद्ध छिड़ता है, निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए सोने की ओर लौटते हैं. इस बार भी यही होता दिख रहा है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना $5,300 प्रति औंस के करीब है. यदि यह लेवल टूटता है, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1,68,000 रुपये से 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू सकती है. 

वर्तमान में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹1,62,000 के आसपास स्थिर है, लेकिन युद्ध की आहट इसे ₹1,65,000 के पार ले जा सकती है. वहीं चांदी भी पीछे नहीं है, इसके ₹2,90,000 से ₹2,95,000 प्रति किलो तक पहुंचने के आसार हैं.

क्रिप्टो और ऑयल: डिजिटल करेंसी में गिरावट, तेल में तेजी संभव 

युद्ध का असर अब सीमाओं तक सीमित नहीं है, यह डिजिटल वॉलेट्स को भी खाली कर रहा है. शनिवार को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी 'बिटकॉइन' (Bitcoin) में भारी गिरावट देखी गई, जिससे यह $63,000 के स्तर पर आ गया. हालांकि रविवार को इसमें 2.50% की मामूली रिकवरी दिखी है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में क्रिप्टो मार्केट 3 से 10 फीसदी तक और गोता लगा सकता है.

Advertisement

दूसरी ओर, युद्ध की स्थिति में कच्चा तेल हमेशा 'हॉट कमोडिटी' बन जाता है. ऑयल ईटीएफ (ETF) में तेजी की प्रबल संभावनाएं हैं, जो रिटर्न के मामले में अमेरिकी शेयर बाजार को भी पीछे छोड़ सकती हैं.

सावधान हैं निवेशक

ईरान की राजधानी में हुए विस्फोटों और इजरायल में बजते सायरन ने यह साफ कर दिया है कि स्थिति संवेदनशील है. निवेशक फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक एक्‍शन पर नजर गड़ाए हुए हैं. विशेषज्ञों की सलाह है कि इस उथल-पुथल भरे माहौल में निवेशक आक्रामक होने के बजाय 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाएं, क्योंकि जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर शॉर्ट टर्म में बेहद नकारात्मक हो सकता है.

Advertisement

Source: IANS/BSE-NSE/Bloomberg/Brokerage Report

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरान-इजरायल युद्ध में कैसे मारे गए Ali Khamenei? | Donald Trump | NDTV India