India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका ने अपने व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई दी है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस डील में भारत ने अपने किसानों का ध्यान रखा है, तो वहीं तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दरवाजे भी खोले हैं. सरकार ने अपनी प्रोटेक्टेड लिस्ट के जरिए उन अमेरिकी प्रोडक्ट के बारे में बताया है जो भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे.
1. कृषि उत्पाद
भारतीय खेतों और मंडियों को बचाने के लिए इन अमेरिकी चीजों पर रोक जारी रहेगी-
- अनाज
गेहूं, चावल, मक्का, बाजरा, रागी, जौ, ज्वार, ओट्स और उनसे बना आटा/मैदा
- सब्जियां
आलू, प्याज, मटर, बीन्स, मशरूम और फ्रोजन सब्जियां
- फल
संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी
2. डेयरी उत्पाद
भारत का डेयरी सेक्टर सहकारी मॉडल पर टिका है, जिसे सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका के इन उत्पादों को अनुमति नहीं दी गई है-
- दूध (लिक्विड, पाउडर, कंडेस्ड), क्रीम, दही, बटर मिल्क
- मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और व्हे प्रोडक्ट्स
3. मसाले
काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, सरसों और सभी प्रकार के पिसे हुए मसाले.
क्या होगा सस्ता?
- भारत ने कुछ खास क्षेत्रों में इंपोर्ट ड्यूटीॉ कम की है, जिससे हाई-एंड सर्वर, AI हार्डवेयर, GPU और डेटा सेंटर के उपकरण सस्ते होंगे. इससे भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी.
- मशीनरी और गाड़ियाों की बात करें तो औद्योगिक मशीनरी, इलेक्ट्रिकल्स और वाहनों के कलपुर्जों पर टैक्स घटाया है.
भारतीय निर्यातकों को क्या मिला?
अमेरिका आगे चलकर भारतीय सामानों पर लगने वाले भारी टैक्स को घटाकर कम कर देगा या पूरी तरह हटा देगा. इसका सीधा फायदा इन उद्योगों को होगा-
- कपड़ा और जूते
- दवाइयां
- जेम्स और ज्वेलरी
- हस्तशिल्प और कालीन
- विमान के कलपुर्जे














