Income Tax Calendar FY 2026-27: नया फाइनेंशिल ईयर शूरू हो चुका है. आम आदमी हो या कोई बिजनेसमैन सभी को एक ही चिंता सताने लगती है कि इस साल टैक्स देने में कोई देरी ना हो जाए. जैसा आप सभी जानते हैं कि टैक्स का पेमेंट अगर जिम्मेदारी से नहीं किया जाए तो भारी भरकम पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे कई केस हम पिछले फाइनेंशियल ईयर में देख चुके हैं, जब आखिरी समय पर ITR फाइल करने के लिए सीए पर लंबी लाइनें लगी होती हैं.
ऐसी समस्याओं से बचने के लिए जरूरी है आपको सही डेट बता होना. मतलब किस महीने में किस फॉर्म को भरना है और रिफंड के लिए कब तक क्लेम कर सकते हैं. अगर इन सभी के बारे में पहले से बता हो तो आखिरी समय में भागदौड़ से बचा जा सकता है. इसलिए इस खबर में आपको वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के कैलेंडर के बारे में जानकारी देते हैं.
अप्रैल से शुरू हो जाता है प्रोसेस
अमूमन लोग समझते हैं कि टैक्स का काम जुलाई से ही शुरू होता है, लेकिन सच तो ये है कि इसकी बिसात अप्रैल से ही बिछनी शुरू हो जाती है. 14 अप्रैल तक कुछ स्पेशल लेन‑देन से जुड़े TDS सर्टिफिकेट जारी करना जरूरी होता है.
- सेक्शन 194‑IA (प्रॉपर्टी खरीद)
- 194‑IB (किराए पर TDS)
- 194M (कुछ पेमेंट पर TDS)
- 194S (क्रिप्टो/वर्चुअल डिजिटल एसेट) के लिए होते हैं.
इसके अलावा, स्टॉक एक्सचेंज में किसी भी क्लाइंट कोड में बदलाव की जानकारी देना और विदेश में पैसे भेजने से जुड़े तिमाही रिपोर्ट फॉर्म 15CC को इसी डेट में जमा करना होता है.
30 अप्रैल तक मार्च महीने का TDS/TCS जमा करना जरूरी होता है. साथ ही, सरकारी ऑफिस को फॉर्म 24G जमा करना होता है. इस तारीख तक फॉर्म 15G/15H भी जमा किए जाते हैं, जिससे टैक्सपेयर्स TDS में छूट का क्लेम ले सकें.
मई महीने के जरूरी दिन
- 7 मई तक अप्रैल महीने का TDS/TCS जमा करना जरूरी होता है.
- 15 मई तक कुछ फिक्स लेन‑देन के लिए TDS सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं. इसी तारीख तक तिमाही TCS स्टेटमेंट फाइल करना, स्टॉक एक्सचेंज में किए गए क्लाइंट कोड में बदलाव की रिपोर्टिंग करना भी जरूरी होता है.
- 30 मई तक वित्त वर्ष 2025‑26 चौथी तिमाही के लिए टीसीएस सर्टिफिकेट जमा करने होते हैं.
- 31 मई तक एनुअल फाइनेंशियल ट्राजैक्शन की रिपोर्ट फॉर्म 61A के जरिए फाइल करनी होती है.
जून महीने के लिए तैयारी
- 7 जून तक मई महीने का TDS/TCS जमा करना होता है.
- 15 जून तक सैलरी और सैलरी के अलावा पेमेंट से जुड़े TDS सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं. वित्त वर्ष 2026‑27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होती है.
- 30 जून तक अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) को अपने यूनिट होल्डर्स को रिपोर्ट देना होता है.
- 31 जुलाई सैलरी पाने वाले और ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख होती है जिनके अकाउंट्स का ऑडिट नहीं होता.
सितंबर महीने में इन तारीखों का रखें ध्यान
- 15 सितंबर तक एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त जमा करनी होती है, जिसमें टोटल टैक्स लायबिलिटी का करीब 45% होता है.
अक्टूबर के लिए प्लानिंग
- 31 अक्टूबर उन टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी डेट है, जिनका ऑडिट होता है.
दिसंबर महीने का प्लान
- 15 दिसंबर तक एडवांस टैक्स की तीसरी किस्त जमा करनी होती है, जिससे टोटल टैक्स पेमेंट करीब 75% पूरा हो जाता है.
- 31 दिसंबर असेसमेंट ईयर 2026‑27 के लिए बिना किसी पेनल्टी के रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख होती है.
मार्च महीने की तैयारी
- 15 मार्च तक एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जमा करनी होती है. इस किस्त के साथ पूरे साल का 100% टैक्स पेमेंट पूरा करना जरूरी होता है, जिससे ब्याज और पेनल्टी से बचा जा सके.
- 31 मार्च पुराने टैक्स सिस्टम में होने वाले निवेश करने की आखिरी तारीख है.
इन सभी महीनों की जरूरी तारीखों का ध्यान रखने से आप सही समय पर रिटर्न फाइल कर सकते हैं, जुर्माने से बच सकते हैं और पूरे वित्त वर्ष में अपने टैक्स और निवेश का अच्छे से प्लानिंग बना सकते हैं.
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