अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने क्या मान लिया है कि भारत की ग्रोथ का अनुमान जारी करने में उससे गलती हुई? अपनी पिछली रिपोर्ट में उसने वर्ष 2025-26 के लिए भारत की ग्रोथ 6.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. अब दिसंबर 2025 में तिमाही की ग्रोथ देखते हुए IMF ने माना है कि आगे वह भारत के लिए ग्रोथ अनुमान को संशोधित कर सकता है. IMF के अनुसार, भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख विकास इंजन बना हुआ है, और इसका आर्थिक प्रदर्शन मजबूत और लचीला बना हुआ है.
उन्होंने कहा, 'भारत में हमने जो देखा है, वह यह है कि भारत विश्व के लिए एक प्रमुख विकास इंजन है. 2025 में भारत की ग्रोथ रेट के संबंध में, जब हमने अपनी आर्टिकल IV स्टाफ रिपोर्ट तैयार की थी, तब हमने वित्त वर्ष 25-26 के लिए 6.6 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जो मजबूत कंजप्शन ग्रोथ यानी उपभोग वृद्धि पर आधारित है.'
भारत का ग्रोथ अनुमान संशोधित कर सकता है IMF
उन्होंने आगे बताया कि आर्टिकल IV रिपोर्ट जारी होने के बाद से भारत की तीसरी तिमाही की ग्रोथ उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत रही है. इस घटनाक्रम से यह संभावना बढ़ गई है कि निकट भविष्य में IMF भारत के लिए अपने वृद्धि पूर्वानुमान को संशोधित कर सकता है.
उन्होंने आगे कहा कि IMF आने वाले दिनों में जनवरी के वास्तविक आंकड़ों का अपडेट जारी करने वाला है, जिसके दौरान भारत के लिए संशोधित आंकड़ों की घोषणा की जाएगी.
उन्होंने कहा, 'आने वाले कुछ दिनों में जनवरी के वास्तविक आंकड़ों का अपडेट जारी होने वाला है, इसलिए उस समय हमें भारत के लिए संशोधित ग्रोथ नंबर मिल जाएगा.'
भारत के बारे में सकारात्मक आकलन
व्यापक परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कोजैक ने कहा कि भारत के बारे में IMF का समग्र आकलन सकारात्मक बना हुआ है. उनके अनुसार, चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद भी देश ने वैश्विक विकास को समर्थन देने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
उन्होंने कहा, 'भारत के बारे में हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वैश्विक विकास का एक प्रमुख चालक रहा है, और भारत में विकास काफी मजबूत रहा है.'
IMF की हालिया टिप्पणियां भारत की आर्थिक बुनियाद में निरंतर विश्वास को दर्शाती हैं, जिसमें मजबूत घरेलू खपत विकास का एक प्रमुख स्तंभ है.
आगामी अपडेट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि इससे विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है.














