मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के चलते देश में LPG सिलेंडरों की कमी और सप्लाई में आ रही दिक्कतों की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हे की मांग बढ़ गई है. दिल्ली, नोएडा, मुंबई, लखनऊ, जयपुर समेत देशभर के कई शहरों में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री बढ़ गई है. और इसी के साथ इंडक्शन बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी करीब 10% तक की तेजी देखी गई.
एलपीजी संकट की आशंका पर लोग धड़ाधड़ इंडक्शन चूल्हा खरीद रहे हैं. बिजली से चलने वाला इंडक्शन खाना बनाने के लिए इस्तेमाल करने पर एलपीजी के संभावित संकट से बचा जा सकता है. हालांकि सरकार ने आश्वस्त किया है कि घरेलू उपभोक्ता हमेशा प्राथमिकता में रहेंगे और उन्हें दिक्कत नहीं होगी.
बाजारों में भीड़, ऑनलाइन डिमांड 20 गुना बढ़ी
दिल्ली समेत कई शहरों के स्थानीय बाजारों में इंडक्शन चूल्हे की सेल बढ़ गई है. पूर्वी दिल्ली के एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के प्रोपराइटर संजीव शर्मा ने बताया कि बीते 3 दिनों में इंडक्शन की सेल अचानक बढ़ गई है. IE की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इंडक्शन की डिमांड अचानक बढ़ गई है. अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर बीते 4-5 दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की सेल 20 गुना तक बढ़ गई है. Flipkart के आंकड़ों के अनुसार, बीते 3-4 हफ्तों की तुलना में इंडक्शन की सेल गुना बढ़ गई है. वहीं Amazon के एक प्रवक्ता ने IE को बताया कि अमेजन डॉट इन पर इंडक्शन कुकटॉप की मांग में पिछले 24 घंटों में एक सामान्य दिन की तुलना में 20 गुना बढ़ोतरी हुई है.
इंडक्शन मेकर्स कंपनियों के शेयर सरपट दौड़े
इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे की मांग में तेजी देखी जा रही है और इससे बुधवार को होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयर में तेजी देखी गई.
- बटरफ्लाई गांधीमथी अप्लायंसेज के शेयर इंट्राडे में दोपहर 12:45 पर 7.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 651 रुपये पर था. दिन के दौरान शेयर ने 660 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ है.
- टीटीके प्रेस्टीज का शेयर 9.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 530 रुपये पर था. अब तक के कारोबार में इसने 556 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ है.
- पिजन नाम में प्रोडक्ट्स बेचने वाली कंपनी स्टोव क्राफ्ट का शेयर 5.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 510 रुपये पर था. अब तक के कारोबार में शेयर ने 525 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ है.
एक्सपर्ट बोले- LPG पर प्रेशर कम करेगा इंडक्शन
दूसरी तरफ, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि एलपीजी संकट के देखते हुए शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव से खाना पकाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाना चाहिए. CEEW के फेलो अभिषेक कार ने कहा कि भारत अपनी एलपीजी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत से अधिक पश्चिम एशियाई देशों जैसे यूएई, कतर और सऊदी अरब से आता है.
उन्होंने सुझाव दिया,'घरेलू खाना पकाने के लिए LPG आपूर्ति को प्राथमिकता देने हेतु आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना पहला, लेकिन एक महत्वपूर्ण कदम है. सरकार को अब एलपीजी सब्सिडी के लिए चलाए गए 'गिव इट अप' अभियान की तर्ज पर एलपीजी उपयोग पर एक नया 'गिव इट अप' अभियान शुरू करना चाहिए, जो उन परिवारों को टारगेट करे जिनके पास इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव हैं या जो इसे वहन कर सकते हैं. इससे घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम होगा.' उन्होंने कहा कि शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव से खाना पकाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाना चाहिए.














