GST में कटौती और सस्ता कर्ज... बजट से 'ब्रास सिटी' जामनगर को क्या उम्मीदें

ब्रास सिटी जामनगर आगामी केंद्रीय बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है. उद्योग से जुड़े कारोबारी मानते हैं कि यदि बजट में अनुकूल नीतिगत फैसले हुए तो जामनगर दुनिया का सबसे बड़ा ब्रास हब बन सकता है.

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गुजरात का जामनगर, जिसे वर्षों से ‘ब्रास सिटी' के नाम से जाना जाता है, आगामी केंद्रीय बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है. शहर में मौजूद 8,000 से अधिक ब्रास इकाइयां न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाए हुए हैं और दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं.

उद्योग से जुड़े कारोबारी मानते हैं कि यदि बजट में अनुकूल नीतिगत फैसले हुए तो जामनगर दुनिया का सबसे बड़ा ब्रास हब बन सकता है. उनकी सबसे बड़ी मांग जीएसटी दरों में कटौती की है. वर्तमान में ब्रास उत्पादों और ब्रास स्क्रैप पर 18% जीएसटी लगता है, जो छोटे उद्योगों की कार्यशील पूंजी को प्रभावित करता है और भारतीय उत्पादों को चीन जैसे देशों के मुकाबले महंगा बना देता है. उद्योग को उम्मीद है कि सरकार इसे घटाकर 5% करेगी, जिससे बोगस बिलिंग पर रोक लगेगी और उत्पादन लागत भी कम होगी.

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सस्ते लोन और सब्सिडी पर भी टिकी निगाहें

सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराने और ब्याज सब्सिडी जैसे कदम भी उद्योग की प्रमुख जरूरतों में शामिल हैं, क्योंकि जामनगर की अधिकांश इकाइयां MSME श्रेणी में आती हैं. फैक्ट्री ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामजी भाई ने कहा कि कच्चे माल पर लगने वाला 1% टीसीएस उद्योग के लिए अनुचित है और इसे हटाने की जरूरत है. उन्होंने डॉलर को स्थिर रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, क्योंकि डॉलर की स्थिरता से निर्यात आधारित कारोबार को मुनाफा मिलने में आसानी होती है. 

GST कम करने की मांग

वहीं एसोसिएशन के सचिव मेहुल जोबनपुत्रा ने बताया कि 8,000 से अधिक ब्रास यूनिट्स बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करती हैं और जीएसटी घटाने से उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा.

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'चीन की तरह बनें नीतियां'

ब्रास उद्योग से जुड़े कांतिलाल सोरठिया ने कहा कि जामनगर में सुई से लेकर स्पेस मिशन तक में उपयोग होने वाले पुर्जे तैयार किए जाते हैं. रक्षा, ऑटोमोबाइल, एविएशन और स्पेस सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली कई महत्वपूर्ण मेटल कंपोनेंट्स यहीं बनते हैं. उनका मानना है कि चीन की तरह भारत में भी छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां बननी चाहिए, ताकि भारतीय उद्योग अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके.

उद्योग जगत की राय है कि यदि इस बजट में जीएसटी में राहत, आसान वित्तीय सहायता और MSME के लिए प्रोत्साहन जैसे कदम उठाए गए, तो जामनगर वैश्विक ब्रास निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा सकता है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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