CGHS New Rules 2026: आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने से पहले देशभर के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. केंद्रीय कर्मचारियों के पूरे परिवार के स्वास्थ्य के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. दरअसल,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने CGHS यानी सेंट्रल गवर्मेंट हेल्थ स्कीम (Central Government Health Scheme) की पात्रता में मौजूदा भौगोलिक सीमा को खत्म कर दिया है.
अब किसी CGHS वेलनेस सेंटर से तय दूरी के बाहर रहने वाले केंद्रीय कर्मचारी भी CGHS में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेंगे. इनमें वे भी शामिल होंगे, जो कर्मचारी ऐसी जगह तैनात हैं, जहां CGHS की सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसके लिए उन्हें एक बार का विकल्प दिया जाएगा और CGHS कंट्रीब्यूशन या सब्सक्रिप्शन जमा करना होगा. मंत्रालय के मुताबिक नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं.
5 किलोमीटर की शर्त खत्म
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा ऑफिस मेमोरेंडम के मुताबिक, पहले आमतौर पर वही सेवारत केंद्रीय कर्मचारी CGHS का लाभ ले सकते थे, जो किसी CGHS Wellness Centre के 5 किलोमीटर के दायरे में रहते या काम करते थे.
इस नियम के चलते उन कर्मचारियों को परेशानी होती थी, जिनकी पोस्टिंग CGHS के दायरे से बाहर थी या जो ऐसे शहरों में रहते थे जहां CGHS की सुविधा उपलब्ध नहीं थी.
अब सरकार ने इस भौगोलिक पात्रता शर्त को खत्म कर दिया है. यानी CGHS की पात्रता अब सिर्फ कर्मचारी के रहने या तैनाती की जगह और वेलनेस सेंटर से दूरी के आधार पर तय नहीं होगी.
CS(MA) से CGHS में आने का मौका
नए नियम का सबसे अहम फायदा उन केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा, जो अभी तक CGHS के भौगोलिक दायरे से बाहर होने के कारण Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 यानी CS(MA) Rules के तहत स्वास्थ्य सुविधा ले रहे हैं.
ऐसे कर्मचारियों को CGHS में शामिल होने के लिए एक बार का विकल्प दिया जाएगा.
हालांकि, इसके लिए कर्मचारी को CGHS की दूसरी शर्तें पूरी करनी होंगी और निर्धारित योगदान या सब्सक्रिप्शन का भुगतान करना होगा. विकल्प चुनने के बाद कर्मचारी CGHS के तहत उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले सकेगा.
एक बार चुन लिया तो फिर फैसला अंतिम
सरकार ने साफ किया है कि CGHS में शामिल होने का विकल्प सिर्फ एक बार इस्तेमाल किया जा सकेगा.
- एक बार कर्मचारी ने CGHS चुन लिया तो उसका फैसला अंतिम और बाध्यकारी होगा. बाद में कर्मचारी अपनी सुविधा के मुताबिक फिर से व्यवस्था बदलने का दावा नहीं कर सकेगा.
- इसका असर कर्मचारी के पात्र आश्रितों पर भी होगा. मुख्य लाभार्थी कर्मचारी ने जो विकल्प चुना है, वही उसके सभी पात्र आश्रितों पर भी लागू होगा.
- यानी परिवार के कुछ सदस्यों को CGHS और कुछ को CS(MA) Rules के तहत रखने की अनुमति नहीं होगी.
CGHS वाले इलाके में रहने वालों के लिए क्या नियम?
- जो सेवारत केंद्रीय कर्मचारी CGHS कवर वाले क्षेत्र में रहते या तैनात हैं, उनके लिए CGHS के तहत शामिल होना अनिवार्य रहेगा.
- इसमें ऐसे जिले के मुख्यालय की सीमा में रहने या तैनात कर्मचारी शामिल हैं, जहां CGHS वेलनेस सेंटर मौजूद है.
- ऐसे कर्मचारी CGHS से बाहर निकलकर CS(MA) Rules के तहत चिकित्सा सुविधा लेने का विकल्प नहीं चुन सकेंगे.
इसे सीधा-सीधा ऐसे समझें कि CGHS सुविधा वाले इलाके में रहने या तैनात कर्मचारियों के लिए CGHS अनिवार्य रहेगा. वहीं, CGHS के दायरे से बाहर रहने या तैनात कर्मचारियों को अब CGHS में शामिल होने का विकल्प मिलेगा.
CGHS और CS(MA), दोनों का फायदा एक साथ नहीं
- नए नियमों के तहत कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य एक ही समय में CGHS और CS(MA), दोनों व्यवस्थाओं के तहत चिकित्सा सुविधा का दावा नहीं कर सकेंगे.
- इसके लिए कर्मचारी को लिखित में अंडरटेकिंग देनी होगी कि वो या उसका कोई पात्र आश्रित दोनों योजनाओं का एक साथ लाभ नहीं उठाएगा.
- अगर किसी कर्मचारी या उसके आश्रित ने गलती से दोनों व्यवस्थाओं के तहत अनुचित लाभ लिया, तो नियमों के मुताबिक उस लाभ की वसूली की जाएगी.
- वहीं, CGHS के तहत इलाज या दवाओं की सुविधा लेने की स्थिति में TA/DA का दावा भी लागू नहीं होगा.
यहां देखें स्वास्थ्य मंत्रालय का लेटर: