साल 2026 की शुरुआत होते ही दुनियाभर के बाजारों में उथल-पुथल देखने को मिल रही है. अमेरिका की वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ गया है. इसका सीधा असर सोना और चांदी पर पड़ा है, जो नए साल के शुरुआती कारोबारी सत्रों में मजबूती के साथ चमकते नजर आए. ऐसे में लोगों के मन में यही सवाल है कि इस अनिश्चित हालात में सोना खरीदना बेहतर है या चांदी?
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव का असर (Gold Rate Today)
4 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की खबर ने दुनियाभर में तनाव बढ़ा दिया. इसका घटना का असर शेयर मार्केट से लेकर कमोडिटी मार्केट तक दिखा. निवेशकों ने रिस्क वाले निवेश से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे सोना और चांदी दोनों के दामों में तेजी देखने को मिली. हालांकि आज घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत में नरमी देखी जा रही है.ऐसे में निवेशक कन्फ्यूज हैं कि इस माहौल में कहां पैसा लगाना फायदेमंद होगा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने का भाव
सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ गिरावट देखने को मिल रही है. बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान हाजिर सोना (Spot Gold) 0.7 फीसदी गिरकर 4,466.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. आपको बता दें कि अभी पिछले महीने ही यानी 26 दिसंबर को सोने ने 4,549.71 डॉलर प्रति औंस का अपना ऐतिहासिक उच्चतम स्तर छुआ था. अमेरिकी बाजार की बात करें तो वहां फरवरी डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी की गिरावट के साथ 4,477.30 डॉलर पर ट्रेड करता दिखा.
भारत में आज सोने की कीमत (Gold prices in India)
घरेलू बाजार में MCX पर फरवरी एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत आज 2.35 बजे 691 रुपये(0.5%) की गिरावट के साथ 138392. पर पहुंए गए.बीते दिन यह हल्की गिरावट के साथ 1,39,040 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए. हालांकि, साल 2025 में सोने ने 64% से ज्यादा का रिटर्न दिया था, जो 1979 के बाद इसका सबसे बेहतरीन साल माना जा रहा है. यह दिखाता है कि जब हालात अनिश्चित होते हैं, तब भारतीय निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश मानते हैं.
चांदी की चमक थोड़ी फीकी
आज के दिन सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी थोड़ी फीकी पड़ी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर चांदी (Spot Silver) के दाम 1.2 फीसदी फिसलकर 80.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गए. चांदी में यह गिरावट इसके अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से नीचे आने की वजह से हुई है, क्योंकि 29 दिसंबर को ही चांदी ने 83.62 डॉलर प्रति औंस का अपना ऑल-टाइम हाई लेवल टच किया था.
भारत में MCX पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी करीब 3811 रुपये (1.47%) गिरकर 255000 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. हालांकिचांदी ने हाल के महीनों में सोने से भी ज्यादा शानदार परफॉर्म किया है. 2025 में चांदी ने 147% की जबरदस्त तेजी दिखाई.
सोना या चांदी किसमें करें निवेश? (Gold vs Silver)
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर अमेरिका-वेनेजुएला तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर लंबे समय तक बाजारों पर दिखाई दे सकता है. ऐसे हालात में सोना आमतौर पर सुरक्षित निवेश के रूप में सबसे पहले चुना जाता है. केंद्रीय बैंक और बड़े संस्थान भी अनिश्चित हालात में सुरक्षा के लिए सोने में निवेश बढ़ा देते हैं.
2026 के लिए निवेश रणनीति (Investment strategy for 2026)
भारत के कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक यानी जियोपॉलिटिकल हालात में सोना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है. जब तक अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा, सोने की कीमतें मजबूत रह सकती हैं. वहीं, चांदी उन निवेशकों के लिए बेहतर हो सकती है जो थोड़ा ज्यादा रिस्क उठाकर ज्यादा रिटर्न की संभावना चाहते हैं.
अगर आप अपने निवेश में स्थिरता और सुरक्षा चाहते हैं, तो 2026 में सोना एक बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर आप उतार-चढ़ाव सहन कर सकते हैं और ज्यादा रिटर्न की उम्मीद रखते हैं, तो चांदी भी अच्छा विकल्प हो सकती है. आपके लिए कौन सा विकल्प सही है ये आपके रिस्क प्रोफाइल और निवेश की अवधि पर निर्भर करेगा.














