सोने-चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. बुधवार को सोना भरभरा कर गिर गया. चांदी के दाम तो 4,000 रुपये से ज्यादा कम हो गए. मंगलवार को सोने और चांदी, दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब 5,000 रुपये तक कम हो गए हैं. ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के बीच बुधवार को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. कमोडिटी मार्केट MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी करीब 1.44% या 4,000 रुपये से ज्यादा गिर कर 2,73,848 रुपये पर पहुंच गई. वहीं दूसरी ओर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले सोने का भाव 0.46 फीसदी या 747 रुपये कम होकर 1,62,556 रुपये/10 ग्राम पर पहुंच गया.
ग्लोबल मार्केट में भी सोना-चांदी सस्ता
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है. खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोना 0.56 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,212.64 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.493 डॉलर प्रति औंस थी.
किस शहर में क्या भाव बिक रहा सोना?
देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव 1.63 लाख से 1.65 लाख प्रति 10 ग्राम पर हैं. 24 कैरेट सोने की कीमत चेन्नई में सबसे ज्यादा 1,64,950 रुपये/10 ग्राम है. 24 कैरेट गोल्ड मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बैंगलोर, हैदराबाद और केरल में 1,63,310 रुपये के भाव पर बिक रहा है. वहीं 22 कैरेट सोने का भाव दिल्ली में 1,49,850 रुपये/10 ग्राम के करीब है, जबकि 18 कैरेट गोल्ड 1,22,630 रुपये/10 ग्राम पर बिक रहा है. शहरों के दरों में थोड़ा-बहुत अंतर है. यदि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, तो ये भाव तुरंत प्रभावित हो सकते हैं.
सोने-चांदी पर मार्केट एक्सपर्ट की राय
बाजार में सोने और चांदी में गिरावट पर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि युद्ध को लेकर मिले-जुले संकेतों के कारण व्यापारिक माहौल अस्थिर बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, जबकि बुधवार की सुबह तक अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से तत्काल तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिले, जिससे युद्ध लगातार बारहवें दिन भी जारी रहा. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल से ईरान पर हमले रोकने का आग्रह किया, जबकि ईरान ने जहाजों के आवागमन को रोकने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने का दावा किया.
आगे कैसे तय होगी सोने-चांदी की चाल?
अब कमोडिटी बाजार का ध्यान आगामी अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई के आंकड़ों पर है, जो फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में और संकेत दे सकते हैं, हालांकि ये आंकड़े संघर्ष से जुड़ी बढ़ती ऊर्जा कीमतों के महंगाई प्रभावों को पूरी तरह से नहीं दर्शाएगे. उन्होंने आगे बताया कि इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी जीडीपी और मुद्रास्फीति आंकड़े भी फोकस में रहेंगे, जिनसे आर्थिक स्थिति और आगे की मौद्रिक नीति के मार्ग के बारे में बेहतर स्पष्टता मिलेगी. इससे ही सोने और चांदी की आगे की चाल तय होगी.
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