Gold-Silver ETF New Rules: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव थमने का नाम ही नहीं ले रहा. इसकी वजह से निवेशकों को जबरदस्त नुकसान भी झेलना पड़ रहा है. रेट्स में होते इन बड़े बदलावों को देखते हुए सेबी ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए ट्रेडिंग नियमों में बड़े बदलाव प्रपोजल रखा है, जिससे निवेशकों को अचानक होने वाले बड़े उतार-चढ़ाव से बचाया जा सके और घरेलू कीमतों के साथ ईटीएफ के तालमेल को बेहतर बन सके.
क्या है सेबी का नया प्लान?
अभी के हालातों को देखते हुए सेबी ने डायनामिक प्राइस बैंड और सर्किट फिल्टर लागू करने की योजना बनाई है. दरअसल अब तक ईटीएफ के रेट और रियल धातु की कीमतों में कभी-कभी बड़ा अंतर देखने को मिलता था, जिससे निवेशकों को सही रिटर्न नहीं मिल पाता था. पर अब गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए +/-20% का एक प्राइस बैंड तय किया जाएगा. इसकी शुरुआत +/-6% से होगी, जिसे बाजार की स्थिति के अनुसार धीरे-धीरे 20% तक बढ़ाया जा सकता है.
Gold-Silver ETF New Rules
क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत?
सोना और चांदी ग्लोबल कमोडिटी हैं, जिनका कारोबार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 24 घंटे चलता है. लेकिन भारत में ईटीएफ केवल शेयर बाजार के घंटों सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 PM के दौरान ही ट्रेड होते हैं. इस समय के अंतर की वजह से अक्सर भारतीय ईटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों से पिछड़ जाती हैं या उनमें बड़ा अंतर आ जाता है.
सेबी का मानना है कि नए प्राइस बैंड और कूलिंग-ऑफ पीरियड से मार्केट में स्टेबिलिटी आएगी. अगर कीमतें अचानक गिरती या बढ़ती हैं, तो यह सिस्टम निवेशकों को संभलने का मौका देगा.
निवेशकों को क्या होगा फायदा?
- नए नियमों से ईटीएफ की कीमत वास्तविक सोने-चांदी की मार्केट वैल्यू के करीब रहेगी.
- सर्किट लिमिट होने से एक ही दिन में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकेगा.
- सेबी ने एक स्पेशल प्री-ओपन सेशन का भी सुझाव दिया है, जिससे मार्केट खुलने के साथ ही सही कीमत का फिक्स हो सके. जैसे अभी स्टॉक मार्केट में हम देखते हैं.














