Gold-Silver Prices Prediction: आज संसद में इकनॉमिक सर्वे पेश किया गया, जिसमें यह बात साफ कर दी गई कि जब तक वैश्विक बाजार में टेंशन रहेगा, तब तक इनकी कीमतें नीचे नहीं आने वाली. यानी अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जेब अभी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए.
कीमतें बनाती जा रही रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड
साल 2025 सोना-चांदी के लिए शानदार रहा था. जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेशकों ने सेफ हेवन के लिए इनमें निवेश करना शुरू कर दिया. तब किस ने सोचा होगा कि आज 2026 में हम सोने को 2 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी को 4 लाख रुपये प्रति किलो के ऊपर जाते देख रहे होंगे.
आखिर क्यों लग रही है कीमतों में आग?
इकनॉमिक सर्वे में बताया गया कि अमेरिकी डॉलर की कम होती ताकत ने गोल्ड-सिल्वर को सपोर्ट दिया है. दूसरी तरफ दुनिया भर में चल रहे वॉर को देखते हुए निवेशक डरे हुए हैं. इसलिए वो एक ऐसी जगह निवेश करना चाह रहे हैं, जहां पैसा सेफ रह सके.
खरीदारी पर कोई फर्क नहीं
सर्वे के अनुसार हैरानी की बात यह है कि कीमतें बढ़ने के बाद भी भारत में सोने की खरीदारी कम कम नहीं हो रही है. वित्त वर्ष 2024-25 में सोने का इंपोर्ट 27.4% बढ़ा है. इसका असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दिखा है. सोने का हिस्सा मार्च 2025 के 78.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर जनवरी 2026 तक 117.5 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया.














