Flipkart में छंटनी, परफॉर्मेंस रिव्‍यू के बाद नौकरी से निकाले गए 500 कर्मचारी, कई PIP पर 

एक व्यक्ति ने बताया कि इस साल 'परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान' (PIP) पर रखे गए कर्मचारियों की संख्या भी सामान्य औसत से अधिक है. उन्होंने बताया कि इनमें से कई को 'वन स्टार' रेटिंग दी गई और उन्हें जाने के लिए कह दिया गया.

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हर साल होने वाली परफॉर्मेंस रिव्‍यू के बाद बहुत-से कर्मचारियों के हिस्‍से में इंक्रीमेंट यानी सैलरी में बढ़ोतरी, ज‍बकि कुछ कर्मचारियों के हिस्‍से में निराशा आती है. ऐसा ही हुआ, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट में. सालाना प्रदर्शन समीक्षा (Performance Review) के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट ने 400 से 500 कर्मचारियों को काम से निकाल दिया है. NDTV Profit ने रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी है.  

रिपोर्ट के अनुसार, ये छंटनी कंपनी के कुल कर्मचारी आधार का 3 से 4 प्रतिशत है. पिछले कुछ वर्षों में खराब प्रदर्शन के आधार पर निकाले जाने वाले कर्मचारियों की संख्‍या 1 से 2 प्रतिशत ही हुआ करती थी, लेकिन इस साल ये आंकड़ा दोगुना है. 

छंटनी पर कंपनी ने क्‍या कहा? 

कंपनी में छंटनी पर प्रतिक्रिया देते हुए ई-कॉमर्स दिग्गज ने कहा, 'फ्लिपकार्ट स्पष्ट रूप से अपेक्षाओं के अनुरूप नियमित प्रदर्शन समीक्षा करता है. इस प्रक्रिया के तहत, कर्मचारियों का एक छोटा-सा हिस्‍सा, कंपनी से बाहर हो सकता है. हम प्रभावित कर्मचारियों को ट्रांजिशन सपोर्ट प्रदान कर रहे हैं.' 

बड़ी संख्‍या में कर्मचारी PIP पर रखे गए 

मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने ET को बताया कि इस साल 'परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान' (PIP) पर रखे गए कर्मचारियों की संख्या भी सामान्य औसत से अधिक है. उन्होंने बताया कि इनमें से कई को 'वन स्टार' रेटिंग दी गई और उन्हें जाने के लिए कह दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि वॉलमार्ट इंक (Walmart Inc.) समूह की अन्य कंपनियों में ऐसी स्थिति नहीं थी.

घाटा कम हुआ पर नुकसान में ही चल रही कंपनी 

बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म 'टॉफलर' (Tofler) से प्राप्त वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, फ्लिपकार्ट की मार्केटप्लेस शाखा 'फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड' ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में 1,494.2 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया है. यह वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) के 2,358.7 करोड़ रुपये के घाटे की तुलना में कम हुआ है.

 वित्त वर्ष 2025 में राजस्व 14% बढ़कर 20,493 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में 18,241.6 करोड़ रुपये था. राजस्व में इस वृद्धि ने घाटे को कम करने में मदद की.

हालांकि, वित्त वर्ष 2025 में फ्लिपकार्ट इंटरनेट की 14% विकास दर, पिछले वित्त वर्ष (2024) की 21% की वृद्धि की तुलना में धीमी रही है.

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फ्लिपकार्ट का भारत में कारोबार कई संस्थाओं के माध्यम से संचालित होता है, जिसमें 'फ्लिपकार्ट इंटरनेट' मार्केटप्लेस चलाती है. यह इकाई मुख्य रूप से सेलर कमीशन, विज्ञापन आय और अन्य शुल्कों के माध्यम से राजस्व कमाती है. कंपनी ने अगस्त 2024 में अपनी क्विक-कॉमर्स शाखा 'फ्लिपकार्ट मिनट्स' (Flipkart Minutes) भी लॉन्च की थी.

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