Diamond New Rules: अब हर चमकती चीज नहीं कहलाएगी हीरा! BIS ने बदल दिए नियम, जानें असली और लैब डायमंड के बीच अंतर

BIS Diamond New Rules 2026: अगर आप शादी या निवेश के लिए हीरा खरीद रहे हैं तो अब आपको ज्यादा कन्फ्यूज रहने की जरूरत नहीं है. नाम देखकर ही आपको पता चल जाएगा कि जो हीरा आप खरीद रहे हैं वह असली है या लैब में बना हुआ.

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India's New Diamond Rule 2026: ऑनलाइन और ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर हीरा खरीदने वालों के लिए यह नियम बड़ी राहत है.
नई दिल्ली:

New Diamond Rule: अगर आप हीरा खरीदने की सोच रहे हैं या ऑनलाइन ज्वेलरी देखते समय कन्फ्यूज हो जाते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि जो हीरा दिख रहा है वह असली है या लैब में बना हुआ. नाम अलग अलग होते हैं और शब्द ऐसे लिखे जाते हैं कि आम आदमी को फर्क समझ ही नहीं आता. इसी परेशानी को खत्म करने के लिए अब सरकार ने हीरे को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं.

BIS ने क्यों बदला डायमंड का नियम?

भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS ने डायमंड को लेकर एक नया नियम लागू किया है. इसका मकसद सीधा और साफ है कि ग्राहक को सही जानकारी मिले और कोई भी उसे गलत नाम से भ्रमित न कर सके. अब ज्वेलरी शॉप हो या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हर जगह एक जैसे और साफ शब्दों का इस्तेमाल करना जरूरी होगा.

अब Diamond शब्द का मतलब क्या होगा?

नए नियम के मुताबिक, अगर सिर्फ Diamond शब्द लिखा है तो उसका मतलब सिर्फ नेचुरल हीरा होगा. यानी जो हीरा जमीन से निकलता है वही डायमंड कहलाएगा. दुकानदार इसके साथ नेचुरल असली जेन्युइन या कीमती जैसे शब्द लिख सकते हैं लेकिन Diamond शब्द अकेले सिर्फ असली हीरे के लिए ही होगा.

लैब में बने हीरों के लिए क्या बदला?

लैब में बने हीरों के लिए अब पूरी जानकारी देना जरूरी होगा. इन्हें सिर्फ Laboratory Grown Diamond या Laboratory Created Diamond ही कहा जा सकेगा. LGD लैब ग्रोन या लैब डायमंड जैसे छोटे और अधूरे शब्द अब इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे. सिर्फ ब्रांड का नाम लिख देना भी अब सही जानकारी नहीं माना जाएगा.

इन शब्दों पर लगी रोक

नए नियमों के तहत, लैब में बने हीरों के लिए नेचर शुद्ध अर्थ फ्रेंडली या कल्चर्ड जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे. BIS का मानना है कि ऐसे शब्द ग्राहक को भ्रम में डालते हैं और सही फैसला लेना मुश्किल बना देते हैं.

NDC ने किया नए नियम का स्वागत

नेचुरल डायमंड काउंसिल यानी NDC ने BIS के इस फैसले का खुलकर समर्थन किया है. NDC की मैनेजिंग डायरेक्टर रिचा सिंह ने कहा कि यह नियम लंबे समय से जरूरी था. जब कोई ग्राहक हीरा खरीदता है तो उसे साफ और ईमानदार जानकारी मिलनी चाहिए. इससे असली हीरे की कीमत और भरोसा दोनों सुरक्षित रहेंगे.

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ज्वेलरी कारोबारियों की क्या  है राय?

देश के अलग अलग ज्वेलर्स ने भी इस कदम को सही बताया है. उनका कहना है कि ज्वेलरी का बिजनेस भरोसे पर चलता है और साफ नियम भरोसे को और मजबूत करते हैं. कारोबारियों का मानना है कि अब ग्राहक ज्यादा समझदारी से खरीदारी कर पाएंगे और बाजार में जिम्मेदारी भी बढ़ेगी.

ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए राहत

ऑनलाइन और ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर हीरा खरीदने वालों के लिए यह नियम बड़ी राहत है. अब किसी भी प्लेटफॉर्म पर साफ साफ बताना होगा कि हीरा नेचुरल है या लैब में बना हुआ. इससे गलत जानकारी और धोखे की गुंजाइश काफी हद तक खत्म हो जाएगी.

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अगर आप शादी या निवेश के लिए हीरा खरीद रहे हैं तो अब आपको ज्यादा कन्फ्यूज रहने की जरूरत नहीं है. नाम देखकर ही आपको पता चल जाएगा कि जो हीरा आप खरीद रहे हैं वह असली है या लैब में बना हुआ. यह नियम आपके पैसे और भरोसे दोनों की सुरक्षा करता है.

हीरा खरीदते समय ये ध्यान रखें

अब हीरा खरीदते समय सिर्फ Diamond लिखा हो तो समझिए वह नेचुरल हीरा है. अगर लैब में बना है तो उसका पूरा नाम लिखा होना जरूरी है. बिल और सर्टिफिकेट पर भी यही नियम लागू होगा.

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