दिल्ली में 2028 से नई पेट्रोल बाइक नहीं मिलेगी, सिर्फ E-Bike बिकेंगी, डीजल-CNG वाले टेंपो भी बंद होंगे! EV पॉलिसी में और क्‍या?

Delhi EV Policy: दिल्‍ली की नई EV पॉलिसी में एक तरफ EV खरीदने पर भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, तो वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों के लिए डेडलाइन तय की गई है.

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Delhi New EV Policy 2026: दिल्‍ली में पेट्रोल वाले बाइक्‍स और पेट्रोल, डीजल या CNG वाले टेंपो पर आने वाले वर्षों में प्रतिबंध लगने वाला है.

Delhi EV Policy Explained: दिल्ली में अगले कुछ वर्षों में पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग सकता है. नई EV पॉलिसी में एक तरफ EV खरीदने पर भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, तो वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों के लिए डेडलाइन तय की गई है. दरअसल, दिल्ली को 'ईवी राजधानी' बनाने और प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इस नई नीति में न केवल पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए भारी सब्सिडी का भी ऐलान किया गया है.

नई ड्राफ्ट पॉलिसी को आम जनता की राय के लिए 30 दिनों के लिए उपलब्ध कराया गया है. ये लागू हुआ तो EV खरीदने वाले लोगों को बड़ा फायदा होगा, वहीं पेट्रोल, डीजल, सीएनजी से चलने वाले पुराने वाहनों पर लगाम लगने से राजधानी की आबोहवा साफ-स्वच्‍छ होगी. 

साल 2027 से 3-व्‍हीलर और 2028 से पेट्रोल बाइक पर लगाम  

सरकार ने डीजल, पेट्रोल या सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. नई पॉलिसी के मुताबिक, 

  • साल 2027 से दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले थ्री-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा. यानी 2027 के बाद केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा.
  • इसी तरह साल 2028 से पेट्रोल-डीजल वाली बाइक्स (दोपहिया वाहन) का रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पाएगा और केवल इलेक्ट्रिक बाइक और इलेक्ट्रिक स्‍कूटी का ही रजिस्‍ट्रशन हो पाएगा. 

सरकारी बेड़े और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कायाकल्प

दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार ने 'चैरिटी बिगिन्स एट होम' वाली पॉलिसी चुनी है. अब सरकारी विभागों (Government Fleet) में कोई भी नई डीजल या पेट्रोल गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी. पूरे बेड़े को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट किया जाएगा. यही नियम पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी लागू होगा.

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वहीं स्‍कूलों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ मुड़ने को कहा गया है. नई पॉलिसी के अनुसार, स्‍कूलों के लिए प्रावधान किया गया है कि साल 2030 तक बसों के कुल बेड़े में से 30% बसें इलेक्ट्रिक होंगी. यानी अगर किसी स्‍कूल में 10 बसें चलती हैं तो कम से कम 3 बसें इलेक्ट्रिक होनी चाहिए. 

EV खरीदारों के लिए सब्सिडी की बौछार

ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अगले तीन साल तक विशेष सब्सिडी देने की घोषणा की है. 

  • ई-बाइक (E-Bike): अगर आप 2.5 लाख रुपये तक की ई-बाइक खरीदते हैं, तो पहले साल में 30,000 रुपये तक की सबसे ज्यादा सब्सिडी मिलेगी. यह सब्सिडी अगले तीन सालों तक अलग-अलग स्लैब में दी जाएगी.
  • ई-कार (E-Car): कारों पर भी इसी तरह की सब्सिडी लागू होगी. पहली 10,000 इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर 50,000 रुपये की सीधी सब्सिडी दी जाएगी.
  • हाइब्रिड गाड़ियां: अगर आप 30 लाख रुपये से कम कीमत की हाइब्रिड गाड़ी खरीदते हैं, तो उस पर रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी तरह छूट देने की योजना है.

सरकार का मानना है कि दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहन हैं. इस नई पॉलिसी के जरिए सरकार का लक्ष्य राजधानी को न केवल प्रदूषण मुक्त बनाना है, बल्कि दिल्ली को देश का सबसे बड़ा 'इलेक्ट्रिक व्हीकल हब' बनाना भी है.

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