दावोस (Davos) में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की हो रही वार्षिक मीटिंग में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एक बड़ा मुद्दा है. दुनिया भर के देश एआई में हर दिन नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. सवाल है कि क्या भारत एआई की रेस में पीछे है. इस सवाल पर इंवेस्टकॉर्प (Investcorp) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी(CEO) ऋषि कपूर ने कहा है कि भारत एआई (AI) की दौड़ में पीछे नहीं है, बल्कि उसके पास एक बहुत बड़ा अवसर है. NDTV से बात करते हुए ऋषि कपूर ने उन चिंताओं को खारिज कर दिया कि भारत वैश्विक एआई रेस में पीछे छूट सकता है. उन्होंने एआई को भारत के लिए एक 'बड़े अवसर' के रूप में देखा है, जो देश को वैश्विक व्यापार का केंद्र बना सकता है. उन्होंने कहा, 'भारत AI की रेस में पिछड़ नहीं रहा, बल्कि बड़े मौके तलाश रहा है.'
भारत की असली ताकत कहां है?
कपूर के अनुसार, हालांकि बड़े भाषा मॉडल (LLMs) कुछ ही कंपनियों तक सीमित हो सकते हैं, लेकिन भारत की असली ताकत तकनीक के व्यावहारिक उपयोग (Application) में है. उन्होंने कहा कि बिज़नेस लेवल (B2B) पर 'एजेंटिक एआई' को लागू करने और इसे दुनिया भर में फैलाने में भारत के पास प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त है.
तकनीक के अलावा, कपूर ने भारत की अर्थव्यवस्था के अन्य पहलुओं पर भी भरोसा जताया है. उन्होंने लॉजिस्टिक्स को एक प्रमुख क्षेत्र बताया, जो घरेलू बाजार के साथ-साथ बदलती वैश्विक सप्लाई चेन में भी भारत की भूमिका मजबूत करेगा. वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि इंवेस्टकॉर्प जल्द ही भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में बड़ा निवेश करने की तैयारी कर रहा है.
जब उनसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए संदेश पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ट्रम्प जो कर रहे हैं उससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मदद मिल रही है, लेकिन उनके पास इस दायरे को और व्यापक बनाने का अवसर है.
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