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वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि एक अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही में विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी. 

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एनएससी पर ब्याज दर अप्रैल-जून 2025 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
नई दिल्ली:

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए पीपीएफ और एनएससी सहित विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का शुक्रवार को फैसला किया. यह लगातार पांचवीं तिमाही है, जब लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि एक अप्रैल, 2025 से शुरू होकर 30 जून, 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही में विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्त वर्ष 2024-25 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए अधिसूचित दरों से अपरिवर्तित रहेंगी. 

अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर दर मौजूदा तिमाही में 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रहेगी. 

पीपीएफ के लिए 7.1 प्रतिशत ब्‍याज दर

लोकप्रिय सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर बचत जमा योजनाओं की ब्याज दरें भी अगली तिमाही के लिए क्रमशः 7.1 प्रतिशत और चार प्रतिशत पर बरकरार रखी गई हैं. 

किसान विकास पत्र पर ब्याज दर पहले की तरह 7.5 प्रतिशत होगी और यह निवेश 115 महीनों में परिपक्‍व होगा. 

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर अप्रैल-जून 2025 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी. 

मौजूदा तिमाही की तरह मासिक आय योजना निवेशकों के लिए 7.4 प्रतिशत अर्जित करेगी. 

लगातार पांचवी तिमाही में नहीं बदली ब्‍याज दरें

इसके साथ ही डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को लगातार पांचवीं तिमाही के लिए अपरिवर्तित छोड़ दिया गया है. सरकार ने ब्याज दरों में पिछली बार बदलाव 2023-24 की चौथी तिमाही के लिए कुछ योजनाओं में किया था.

सरकार हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की अधिसूचना जारी करती है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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