Budget 2026: बजट 2026 के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करेंगी. यानी बजट आने में अब दो हफ्ते का भी समय नहीं है. ऐसे में सरकार से व्यापारियों और आम जनता की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार सरकार का फोकस इज ऑफ डूइंग बिजनेस और महिला सशक्तिकरण पर होना चाहिए.
व्यापारियों के लिए क्या हैं चुनौतियां?
टैक्स एक्सपर्ट मनमोहन श्रीवास्तव काजू ने बताया कि सरकार ने पिछले बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी थी, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है. इसके साथ ही GST 2.0 के जरिए टैक्स स्लैब को घटाकर दो कर दिया गया. इससे आम आदमी की जेब में पैसा बच रहा है. अब इस आगामी बजट को लेकर उन्होंने जीएसटी पोर्टल से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा करते हुए कुछ सुझाव दिए हैं.
डाक के जरिए सूचना फिर से होनी चाहिए शुरू
एक्सपर्ट मनमोहन श्रीवास्तव काजू ने कहा अभी के समय में जीएसटी पोर्टल पर आने वाले डिजिटल नोटिस कई व्यापारी समय पर नहीं देख पाते, जिससे होता यह है कि उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ता है. इसके लिए डाक के जरिए सूचना को फिर से शुरू किया जाना चाहिए, जिससे कोई भी जरूरी नोटिस छूट ना पाए.
महिलाओं के लिए खास उम्मीदें
बजट को लेकर एक्सपर्ट ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही. मेडिकल के साथ सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा मिलना चाहिए. साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बजट का हिस्सा होने चाहिए.
बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा. उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री सी.डी. देशमुख (7 बजट) का रिकॉर्ड पहले ही तोड़ दिया है. अगर निर्मला सीतारमण अगले साल यानी 2028 का बजट भी पेश करती हैं, तो वह मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी.
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