Budget 2026: रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन की उम्मीद, जानें सारा लेखा-जोखा

Budget 2026: बजट 2026 यह साफ संकेत दे रहा है कि सरकार वित्तीय घाटे को कंट्रोल करते हुए इन्वेस्टमेंट बेस्ड खर्चे बढ़ा रही है. राज्यों को 2 लाख करोड़ का स्पेशल लोन देना संघीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश कर भविष्य के भारत का ब्लूप्रिंट सामने रखा. इस बार सरकार का पूरा फोकस टैक्स कलेक्शन के साथ कैपिटल एक्सपेंडिचर को मजबूत करने पर रहा. सरकार को उम्मीद है कि इस साल टैक्स की तिजोरी जमकर भरेगी. टोटल ग्रोस टैक्स रेवेन्यू में 8% की बढ़ोतरी का अनुमान है.

कुल टैक्स कमाई का 61.2% हिस्सा डायरेक्ट टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स से आएगा. वहीं, जीएसटी और दूसरे अप्रत्यक्ष करों से ₹17.07 लाख करोड़ जुटने की उम्मीद है. टैक्स-जीडीपी रेशियो की बात करें तो यह 11.2% रहने का उम्मीद है. यह साल इसलिए भी खास है क्योंकि यह 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का पहला साल है. वित्त आयोग ने राज्यों को मिलने वाले टैक्स के 41% हिस्से को बरकरार रखा है.

सरकार की टोटल रेवेन्यू रिसीट, जिसमें टैक्स और नॉन-टैक्स दोनों शामिल हैं, 35.33 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है. यह अमाउंट 2025-26 के मुकाबले करीब 5.7 प्रतिशत ज्यादा है.

खर्च का लेखा-जोखा

सरकार ने केवल कमाई ही नहीं, बल्कि खर्च के लिए भी बड़े टारगेट सेट किए हुए हैं. इस बार कुल खर्च के लिए ₹53.47 लाख करोड़, कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए ₹12.22 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे. कैपेक्स के लिए सरकार टोटल ₹17.15 लाख करोड़ (जीडीपी का 4.4%) निवेश करेगी. यह पैसा सड़क, रेलवे और पुलों जैसे संपत्ति में लगेगा.

बजट 2026 यह साफ संकेत दे रहा है कि सरकार वित्तीय घाटे को कंट्रोल करते हुए इन्वेस्टमेंट बेस्ड खर्चे बढ़ा रही है. राज्यों को 2 लाख करोड़ का स्पेशल लोन देना संघीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War Breaking News: UAE में अमेरिका के तेल टैंकर पर हुआ भीषण हमला | Iran War News