बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स स्लैब के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है. इस बार इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है. यानी कि अगला बदलाव होने तक पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी. मौजूदा समय में टैक्सपेयर्स के पास ओल्ड टैक्स रिजीम और न्यू टैक्स रिजीम के तहत ITR फाइल करने का विकल्प है. बजट के दौरान वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) पर बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा. बजट में रिवाइज्ड रिटर्न, ITR-1 और ITR-2 को फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाने को लेकर भी ऐलान किए.
सबसे पहले ओल्ड टैक्स रिजीम को समझ लेते हैं
पुराने टैक्स स्लैब की बात करें तो 2,50,000 रुपये तक की सालाना आय को पूरी तरह टैक्स-फ्री रखा गया है, यानी इस सीमा तक कोई टैक्स (Nil) नहीं देना होगा. इसके बाद, 2,50,001 रुपये से लेकर 7,00,000 रुपये तक की कमाई पर 5 प्रतिशत की दर से टैक्स लागू होगा. वहीं, जिनकी आय 7,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये के बीच है, उन्हें 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा. मध्यम आय वर्ग के लिए 10,00,001 रुपये से 12,00,000 रुपये तक की स्लैब पर 15 प्रतिशत और 12,00,001 रुपये से 15,00,000 रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत टैक्स निर्धारित किया गया है. अंत में, 15,00,000 रुपये से अधिक की सालाना कमाई करने वालों के लिए टैक्स की दर 30 प्रतिशत रखी गई है.
- 2,50,000 रुपये तक की इनकम के लिए: शून्य (Nil)
- 2,50,001 रुपये से 7,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 5%
- 7,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 10%
- 10,00,001 रुपये से 12,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 15%
- 12,00,001 रुपये से 15,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 20%
- 15,00,000 रुपये से ऊपर की इनकम के लिए: 30%
अब न्यू टैक्स रिजीम को समझ लीजिए
नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत टैक्स स्लैब में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. अब 3,00,000 रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा, यानी यह पूरी तरह टैक्स-मुक्त (Nil Tax) है. इसके बाद, 3,00,001 से 7,00,000 रुपये तक की आय पर 5 प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा. मध्यम आय वर्ग के लिए, 7,00,001 से 10,00,000 रुपये तक की कमाई पर 10 प्रतिशत और 10,00,001 से 12,00,000 रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत टैक्स निर्धारित किया गया है. वहीं, 12,00,001 से 15,00,000 रुपये की स्लैब के लिए टैक्स की दर 20 प्रतिशत रखी गई है. अंत में, जो लोग 15,00,000 रुपये से अधिक सालाना कमाते हैं, उन पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लागू होगा.
न्यू टैक्स रिजीम
- 3,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: शून्य (Nil)
- 3,00,001 रुपये से 7,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए : 5%
- 7,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 10%
- 10,00,001 रुपये से 12,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 15%
- 12,00,001 रुपये से 15,00,000 रुपये तक की इनकम के लिए: 20%
- 15,00,000 रुपये से ऊपर की इनकम पर: 30%
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बता दें कि पिछले कुछ सालों में नए टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव हुए हैं और अब 12 लाख 75 रुपये तक की कमाई पर टैक्स नहीं लगता. इसके बाद लोगों के मन में यह सवाल है कि अब आगे क्या राहत मिलेगी. नौकरीपेशा लोगों को उम्मीद है कि सरकार अब पुराने टैक्स सिस्टम को धीरे धीरे खत्म करने की कोशिश कर सकती है लेकिन अभी भी बहुत से लोग 80C 80D और होम लोन जैसी छूट पर निर्भर हैं.
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