Budget 2026: बायोफार्मा, चिप और दुर्लभ खनिज... दुनिया में छा जाने के लिए बजट में 3 'धुरंधर' ऐलानों को समझिए

बजट में सरकार ने ये संकेत दिया है कि 21वीं सदी की आर्थिक ताकत वे देश होंगे जो ज्ञान, नवाचार और विनिर्माण - इन तीन स्तंभों पर खड़े होंगे. बायोफार्मा शक्ति, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर-यही तीन धुरंधर कदम भारत की अगली औद्योगिक छलांग का आधार बन सकते हैं.

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Budget 2026: केंद्र सरकार का ये आम बजट 2026 सिर्फ अर्थव्यवस्था के आंकड़ों की कहानी नहीं है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में जो ऐलान किए उनमें तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक शक्ति बनने की रणनीति की रूपरेखा दिख रही है. बजट में कई बड़े क्षेत्रों को फोकस में लाया गया, जिनमें सबसे अहम तीन घोषणाएं हैं- बायोफार्मा शक्ति मिशन, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर.

1. बायोफार्मा शक्ति- बनेगा भारत ‘बायो हेल्थ हब'

आने वाले पाँच वर्षों में 10,000 करोड़ रु. के निवेश से सरकार ने ‘बायोफार्मा शक्ति' मिशन शुरू करने की घोषणा की. इस योजना का मकसद भारत को किफायती जैविक दवाओं के उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है. इसके तहत तीन नए राष्ट्रीय बायोफार्मास्युटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) खुलेंगे, जबकि सात मौजूदा संस्थान अपग्रेड होंगे.

इन कदमों से 1000 से अधिक क्लीनिकल ट्रायल साइटों का नेटवर्क और दवा अनुमोदन के लिए सुदृढ़ वैज्ञानिक समीक्षा प्रणाली तैयार की जाएगी. इससे भारत की 'बायो इकॉनमी' को नई रफ्तार मिलेगी.

2. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0- चिप निर्माण को नई उड़ान

सरकार ने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 1.0 ने देश में इस उद्योग की नींव रखी थी. अब दूसरा चरण यानी ISM 2.0 उपकरण निर्माण, रॉ मटीरियल उत्पादन और डिजाइन क्षमता को मजबूत करेगा.

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अप्रैल 2025 में शुरू हुई 22,919 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम ने पहले ही दुगनी निवेश आकर्षित किया. इस गति को बरकरार रखते हुए बजट में इसका परिव्यय 400 करोड़ रु. बढ़ाने की घोषणा हुई है. लक्ष्य है-भारत को चिप उत्पादन और डिजाइन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनाना.

3. रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर- संसाधनों से रणनीति तक

नवंबर 2025 में शुरू हुई ‘रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट स्कीम' को आगे बढ़ाते हुए सरकार अब एक दुर्लभ खनिज कॉरिडोर बनाने जा रही है. यह कॉरिडोर खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को जोड़कर एक समग्र औद्योगिक तंत्र बनाएगा.

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खनिज संपन्न राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु - को इसके लिए विशेष सहायता दी जाएगी. इससे न केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस सेक्टर की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि भारत की सप्लाई चेन क्षमता भी मजबूत होगी

बजट में सरकार ने यह संकेत दिया है कि 21वीं सदी की आर्थिक ताकत वे देश होंगे जो ज्ञान, नवाचार और विनिर्माण - इन तीन स्तंभों पर खड़े होंगे. बायोफार्मा शक्ति, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर-यही तीन धुरंधर कदम भारत की अगली औद्योगिक छलांग का आधार बन सकते हैं.

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