अगर आप एटीएम (ATM) से पैसे निकालने जाएं और मशीन से कैश न निकले लेकिन खाते से पैसे कट जाएं, तो आप क्या करेंगे? आप बैंक जाएंगे, शिकायत करेंगे और उम्मीद करेंगे कि हफ्ते भर में पैसे वापस आ जाएंगे. लेकिन गुजरात के सूरत से एक ऐसा मामला सामने आया जो आपको हैरान कर देगा. दरअसल, साल 2017 में एक शख्स के10,000 रुपये एटीएम मशीन में अटक गए थे, पैसे वापस पाने के लिए उसे 9 साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. उसे अपने 10,000 रुपये वापस पाने के लिए 9 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा. जिसके बाद कंज्यूमर कोर्ट ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) को आदेश दिया है कि वह ग्राहक को 3.28 लाख रुपये का मुआवजा दे.
₹10,000 के बदले मिलेंगे ₹3.28 लाख!
फरवरी 2017 में सूरत के एक व्यक्ति ने एसबीआई के एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की. बैंक खाते से ₹10,000 कट गए पर कैश नहीं निकला. बैंक ने 9 साल तक यह कहकर पल्ला झाड़ा कि ट्रांजैक्शन 'सक्सेसफुल' था और सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल रहा.कंज्यूमर कोर्ट ने साफ कहा कि सीसीटीवी फुटेज जुटाना बैंक की जिम्मेदारी है, ग्राहक की नहीं. कोर्ट ने आरबीआई के नियम का हवाला देते हुए ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से 3,288 दिनों का मुआवजा तय किया.
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराएं नहीं. आइए आपको बताते हैं कि अगर कैश विड्रॉल के दौरान पैसा एटीएम मशीन में अटक जाए तो आपको क्या करना चाहिए ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे और समय पर वापस मिले.एटीएम में अटके पैसे को वापस पाने का तरीका क्या है...
ATM से पैसे न निकलें तो सबसे पहले क्या करें?
अगर एटीएम से नोट बाहर नहीं आए और मैसेज कटने का आ गया, तो पैनिक न हों. ये स्टेप्स फॉलो करें..
24 घंटे इंतजार करें
अक्सर नेटवर्क स्लो या तकनीकी खराबी की वजह से मशीन में पैसा अटकता है . बैंक ऑटोमैटिक तरीके से 24 घंटे के भीतर पैसा रिफंड या क्रेडिट कर देता है.अपने मोबाइल पर आने वाले मैसेज और बैंक स्टेटमेंट को चेक करते रहें.
ट्रांजैक्शन स्लिप संभाल कर रखें
अगर मशीन से अगर मशीन से ट्रांजैक्शन फेल या कोई पर्ची निकली है, तो उसे फेंकें नहीं. उस पर ट्रांजैक्शन आईडी और एटीएम की आईडी होती है जो शिकायत में काम आएगी.यह आपके पास सबसे बड़ा सबूत है.
पैसे वापस न आएं, तो शिकायत कैसे दर्ज करें?
अगर 24 घंटे यानी एक दिन बाद भी पैसा वापस न आए, तो तुरंत ये काम करें.इन स्टेप्स को फॉलो करें...
- अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत कॉल करें. उन्हें ट्रांजैक्शन का समय ,तारीख, एटीएम की लोकेशन,ट्रांजैक्शन आईडी और रकम की जानकारी दें. अपना शिकायत नंबर (Complaint Number) जरूर नोट करें.
- अगर कॉल पर बात न बने, तो अपनी होम ब्रांच जाकर वहां एक फॉर्म भरें और लिखित शिकायत दें. रिसीविंग की कॉपी और शिकायत नंबर (Complaint Number) अपने पास रखें.
देरी हुई तो बैंक देगा जुर्माना, जानें RBI का नियम
इस तरह के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नियम बहुत सख्त और आपके फायदे में है. RBI के मुताबिक, बैंक को शिकायत मिलने के 7 वर्किंग डेज के भीतर पैसा वापस करना होगा.अगर बैंक 7 दिनों के बाद भी पैसा नहीं लौटाता, तो उसे ग्राहक को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा.सूरत वाले मामले में भी बैंक ने टालमटोल की थी. अगर आपका बैंक भी आपकी बात न सुनें, तो आपके पास दो रास्ते हैं.
- आप आरबीआई की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं.
- अगर मामला लंबा खिंचता है, तो आप कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं, जैसा सूरत के इस ग्राहक ने किया और लाखों का हर्जाना मिला.
भूलकर भी न करें ये गलती
अगर कैश अटक गया है तो मशीन से छेड़छाड़ या जोर-जबरदस्ती न करें.
- गुस्सा होकर एटीएम मशीन को पीटने या कार्ड डालने वाले स्लॉट में हाथ या कोई नुकीली चीज डालने की कोशिश न करें.
- अगर एक बार पैसा फंस गया है, तो हड़बड़ी में तुरंत उसी मशीन से ट्रांजैक्शन यानी दोबारा पैसे निकालने की कोशिश न करें. पहले कन्फर्म कर लें कि पुराना ट्रांजैक्शन कैंसिल हुआ है या नहीं.हो सकता है आपका दूसरा ट्रांजैक्शन भी अटक जाए.
- किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपना पिन किसी के साथ शेयर न करें.














