ATF Price Hike: हवाई सफर करने वालों के लिए आज यानी 1 अप्रैल की सुबह एक बुरी खबर लेकर आई है. मिडिल ईस्ट (West Asia Conflict) में चल रहे तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल की वजह से जेट फ्यूल (ATF) के दाम अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. इतिहास में पहली बार जेट फ्यूल की कीमत ₹2 लाख प्रति किलोलीटर के आंकड़े को पार कर गई है, जिससे आने वाले दिनों में विमान की टिकटें काफी महंगी होने की आशंका बढ़ गई है.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उड़ानों के लिए यात्रियों पर 100 फीसदी की बजाय 25 फीसदी बढ़ोतरी का ही असर होगा. इसके लिए मंत्रालय ने प्रावधान किया है. हालांकि चार्टर प्लेन और नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों को पूरे 100 फीसदी बढ़े हुए रेट के अनुसार भुगतान करना होगा.
दिल्ली में 100 फीसदी बढ़ी ATF की कीमतें
राजधानी दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. यहां कीमतें ₹96,638.14 प्रति किलोलीटर से सीधे 100 फीसदी उछलकर ₹2,07,341.22 प्रति किलोलीटर पर पहुंच गई हैं. आसान शब्दों में कहें तो जेट फ्यूल के दाम पहले के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं. इससे पहले 1 मार्च को भी कीमतों में 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन ताजा उछाल ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
क्यों लगी है तेल की कीमतों में आग?
इस भारी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता संघर्ष (Middle East Conflict) है. युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं.
एयरलाइन कंपनियों के कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ ईंधन (ATF) पर खर्च होता है, इसलिए जब फ्यूल महंगा होता है, तो कंपनियों के पास यात्रियों पर बोझ डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता.
आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?
जेट फ्यूल के दाम ₹2.07 लाख के पार जाने का सीधा मतलब यह है कि एयरलाइन कंपनियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट बहुत बढ़ जाएगी. ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां अपने घाटे को कम करने के लिए हवाई टिकटों के दाम (Flight Ticket Price) बढ़ा सकती हैं. अगर आप गर्मियों की छुट्टियों के लिए ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है.














