मुंबई में अदाणी ग्रुप ने शुरू किया 1000 MW का 'पावर कॉरिडोर', मिलेगी क्लीन और सस्ती बिजली

अदाणी एनर्जी ने मुंबई में 1000 MW की हाई-टेक बिजली लाइन शुरू की है. जानें कैसे कुडूस-आरे लिंक मुंबई को ब्लैकआउट से बचाएगा और क्लीन एनर्जी की सप्लाई बढ़ाएगा.

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Adani Electricity Mumbai: मुंबई जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में नई बिजली लाइनें ले जाना नामुमकिन सा था. इसके लिए अदाणी एनर्जी ने एक स्मार्ट रास्ता चुना.

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL) ने मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) की बिजली की व्यवस्था को हमेशा के लिए बदलने वाला एक बड़ा प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है. IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कुडूस से आरे के बीच 1,000 मेगावाट का एक हाई-टेक पावर लिंक शुरू किया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब मुंबई को बाहर से मिलने वाली क्लीन और रिन्यूएबल एनर्जी ज्यादा आसानी से मिल पाएगी. यह कदम न सिर्फ मुंबई को रोशन रखेगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी वरदान साबित होगा.

2020 के ब्लैकआउट को देखते हुए  प्रोजेक्ट तैयार

आपको अक्टूबर 2020 का वो दिन याद होगा जब पूरी मुंबई में घंटों के लिए बत्ती गुल हो गई थी. उस घटना ने शहर की बिजली सप्लाई की कमजोरी को उजागर कर दिया था. उसी को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है. यह नया सिस्टम ग्रिड को इतना मजबूत बना देगा कि भविष्य में बड़े पैमाने पर बिजली कटने (Blackout) का खतरा लगभग खत्म हो जाएगा. अब मुंबई अपनी जरूरतों के लिए शहर के अंदर होने वाले बिजली उत्पादन पर कम निर्भर रहेगी.

दुनिया का पहला 'कॉम्पैक्ट' सबस्टेशन और अंडरग्राउंड लाइन

मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में बिजली की लाइन बिछाना किसी चुनौती से कम नहीं था. अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने इसके लिए बेहतरीन इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया है.इसमें 30 किलोमीटर की ओवरहेड लाइन और 50 किलोमीटर का अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) कॉरिडोर बनाया गया है. आरे में दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) सबस्टेशन बनाया गया है, जो बहुत कम जगह में ज्यादा बिजली मैनेज कर सकता है.

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा कि आरे-कुडूस लाइन के चालू होने से मुंबई के पास अब एक एडवांस पावर कॉरिडोर है. यह न केवल ग्रिड को स्टेबिलिटी देगा, बल्कि शहर की एनर्जी सिक्योरिटी को भी मजबूत करेगा. यह प्रोजेक्ट मुंबई को एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त एनर्जी की ओर फ्यूचर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. अब मुंबई की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए दूर-दराज के इलाकों से ग्रीन एनर्जी लाना आसान हो जाएगा.

क्या है VSC टेक्नोलॉजी और इसके फायदे?

इस प्रोजेक्ट में वोल्टेज सोर्स कनवर्टर (VSC) बेस्ड HVDC टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है. इसे आसान भाषा में समझें तो यह बिजली के फ्लो को बहुत तेजी से और सटीकता से कंट्रोल करता है.

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अगर कभी बिजली चली भी जाए, तो यह सिस्टम बिना किसी बाहरी मदद के खुद को फिर से चालू कर सकता है, जिससे पावर रिस्टोर करने में बहुत कम समय लगेगा.लंबी दूरी से इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन में होने वाला नुकसान इस टेक्नोलॉजी की वजह से बहुत कम हो जाता है.

(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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