8th Pay Commission: 10 नहीं, हर 5 साल में बने वेतन आयोग! सैलरी, पेंशन, भत्ते और छुट्टियों पर इन 18 सवाल-जवाब में जान लीजिए लेटेस्‍ट अपडेट्स

8th Pay Commission Big Updates: NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी ने कर्मचारी पक्ष की ओर से रखे जाने वाले ज्ञापन (Memorandum) का मसौदा तैयार करने के लिए एक अहम मीटिंग करने के बाद 18 बिंदुओं पर अपने सुझाव तैयार किए हैं.

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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ा अपडेट है. NC-JCM ने 18 बिंदुओं पर अपने सुझाव ड्राफ्ट किए हैं. इनमें सैलरी, पेंशन, छुट्टी वगैरह पर राय शामिल है.
(AI Generated)

8th Pay Commission Big Updates: आठवें वेतन आयोग का इंतजार कर हे देश के 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है. सैलरी का फॉर्मूला क्‍या हो, फिटमेंट फैक्‍टर 2.57 नहीं, बल्कि 2.86 से 3.15 के बीच हो. वेतन आयोग का गठन 10 साल की बजाय हर 5 साल में ही हो. DA 50% से ज्‍यादा होने पर मूल वेतन में मर्ज किया जाए. लैटरल एंट्री का प्रावधान खत्‍म हो. ऐसे तमाम सारे सुझाव हैं, जो कि कर्मचारी-पेंशनर्स के संगठन (NC-JCM) ने ड्राफ्ट किए हैं. कर्मचारियों और पेंशनर्स को उम्‍मीद है कि इन सुझावों पर अमल किया गया तो वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में होने की बजाय हर 5 साल में होगा. और ऐसा हुआ तो कर्मचारी-पेंशनर्स की तो बल्‍ले-बल्‍ले हो जाएगी. हर 5 साल में ही उनकी सैलरी और पेंशन में जबरदस्‍त बढ़ोतरी होगी. 

अब खबर विस्‍तार से

दरअसल, आठवें आयोग के गठन के बाद से लगातार इस मसले पर काम कर रही केंद्र सरकार ने हाल ही में कर्मचारियों, पेंशनर्स, उनके संगठनों और अन्‍य स्‍टेकहोल्‍डर्स से तय फॉर्मेट में सुझाव मांगे थे, जिसे देखते हुए कर्मचारियों के संगठन 'नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जेसीएम' (NC-JCM) ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी ने कर्मचारी पक्ष की ओर से रखे जाने वाले ज्ञापन (Memorandum) का मसौदा तैयार करने के लिए एक अहम मीटिंग करने के बाद 18 बिंदुओं पर अपने सुझाव तैयार किए हैं. इसी के साथ कर्मचारियों और पेंशनर्स से भी  18 प्रमुख सवालों पर अपनी राय भेजने को कहा गया है.  

कर्मचारी और पेंशनर्स अपने सुझाव कैसे भेज सकते हैं, ये भी हम नीचे बताएंगे, लेकिन उससे पहले जरा शॉर्ट में समझ लेते हैं कि NC-JCM ने अपने ड्राफ्ट में 18 बिंदुओं पर क्‍या सुझाव तैयार किए हैं... 

सैलरी का फॉर्मूला और स्‍ट्रक्‍चर (Salary and Structure)

1. न्यूनतम वेतन (Minimum Pay):

प्रश्न: केंद्र सरकार में न्यूनतम वेतन तय करने के लिए आपका आधार क्या होना चाहिए?

उत्तर: न्यूनतम वेतन '15वीं भारतीय श्रम कांग्रेस' के मानदंडों और 'डॉ. एक्रॉयड फॉर्मूले' (भोजन, कपड़े और आवास की जरूरत) पर आधारित होना चाहिए. इसमें वर्तमान महंगाई और जीवन स्तर को जोड़कर वैज्ञानिक तरीके से वृद्धि की मांग की गई है.

2. फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor):

प्रश्न: पिछले वेतन आयोगों के फिटमेंट फैक्टर (जैसे 2.57) के मुकाबले इस बार आपका सुझाव क्या है?

उत्तर: कर्मचारी पक्ष का तर्क है कि महंगाई और जीडीपी विकास दर को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3.15 के बीच रखा जाना चाहिए, ताकि वास्तविक वेतन वृद्धि सम्मानजनक हो.

3. वेतन अंतराल (Pay Matrix):

प्रश्न: क्या मौजूदा पे-मैट्रिक्स (Pay Matrix) सरल है या इसमें सुधार की जरूरत है?

उत्तर: पे-मैट्रिक्स को और पारदर्शी बनाने की जरूरत है ताकि वेतन वृद्धि (Increment) और पदोन्नति का लाभ हर स्तर के कर्मचारी को स्पष्ट रूप से मिल सके.

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भाग 2: नियुक्तियां और कार्यप्रणाली (Employment & Governance)

4. आउटसोर्सिंग और संविदा (Outsourcing/Contract):

प्रश्न: क्या नियमित कार्यों को आउटसोर्स किया जाना चाहिए?

उत्तर: (जैसा आपके पीडीएफ में भी है) स्थायी और मुख्य कार्यों को कभी भी आउटसोर्स नहीं किया जाना चाहिए. यह जवाबदेही और गुणवत्ता को प्रभावित करता है.

5. लेटरल एंट्री (Lateral Entry):

प्रश्न: क्या मध्य और उच्च स्तर पर बाहर से विशेषज्ञों की नियुक्ति (लेटरल एंट्री) सही है?

उत्तर: नहीं, यह विभागीय अनुभव और कर्मचारियों के करियर विकास (Career Progression) के लिए बाधक है. आंतरिक प्रतिभा को ही बढ़ावा मिलना चाहिए.

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6. फ्लेक्सी टाइमिंग और अंशकालिक कार्य (Flexi Timing/Part-time):

प्रश्न: क्या सरकार में फ्लेक्सी टाइमिंग या पार्ट-टाइम काम शुरू होना चाहिए?

उत्तर: सरकार के प्रशासनिक और संप्रभु कार्यों में स्थिरता जरूरी है. ऐसी प्रथाएं अनुशासन और कार्यक्षमता को कमजोर कर सकती हैं.

भाग 3: भत्ते और सुविधाएं (Allowances & Benefits)

7. महंगाई भत्ता (DA/DR):

प्रश्न: महंगाई भत्ते की गणना और इसे मूल वेतन में जोड़ने की प्रक्रिया क्या होनी चाहिए?

उत्तर: जब भी महंगाई भत्ता 50% या उससे अधिक हो जाए, उसे तत्काल मूल वेतन में जोड़ दिया जाना चाहिए ताकि अन्य भत्तों का लाभ भी बढ़ सके.

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8. आवास किराया भत्ता (HRA):

प्रश्न: शहरों की श्रेणियों (X, Y, Z) के आधार पर HRA की दरें क्या होनी चाहिए?

उत्तर: किराया बहुत तेजी से बढ़ा है, इसलिए HRA की दरों को शहर की वास्तविक स्थिति के अनुसार संशोधित किया जाना चाहिए.

9. पदोन्नति और एमएसीपी (Promotion and MACP):

प्रश्न: क्या एमएसीपी (MACP) योजना कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने में सफल रही है?

उत्तर: एमएसीपी में 10, 20, 30 साल की अवधि बहुत लंबी है. इसे घटाकर 8, 16, 24 साल करने या पांच पदोन्नतियां देने की मांग की गई है.

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10. भत्तों का युक्तिकरण (Rationalization of Allowances):

प्रश्न: क्या किसी विशेष भत्ते को बंद या संयोजित किया जाना चाहिए?

उत्तर: जोखिम भरे कार्यों (Risk Allowance) और विशेष परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों के भत्तों में उल्लेखनीय वृद्धि होनी चाहिए.

भाग 4: सामाजिक सुरक्षा और पेंशन (Pension & Social Security)

11. पेंशन संशोधन (Pension Revision):

प्रश्न: पेंशनभोगियों के लिए पेंशन संशोधन का आधार क्या होना चाहिए?

उत्तर: पेंशनभोगियों को भी सेवारत कर्मचारियों के समान ही फिटमेंट लाभ मिलना चाहिए. 'वन रैंक वन पेंशन' के सिद्धांत का पालन हो.

12. अतिरिक्त पेंशन (Additional Pension):

प्रश्न: क्या 80 वर्ष के बाद मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन को पहले (जैसे 65 या 70 वर्ष से) शुरू किया जाना चाहिए?

उत्तर: हां, 65, 70 और 75 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर क्रमशः 5%, 10% और 15% की वृद्धि का प्रावधान होना चाहिए.

13. नई पेंशन योजना बनाम पुरानी पेंशन (NPS vs OPS):

प्रश्न: मौजूदा पेंशन व्यवस्था पर आपकी क्या राय है?

उत्तर: कर्मचारी पक्ष की स्पष्ट मांग है कि NPS को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए, क्योंकि NPS में सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है.

भाग 5: अन्य मामले (Other Service Matters)

14. कार्यभार और मैनपावर (Workload & Manpower):

प्रश्न: क्या विभागों में कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है?

उत्तर: रिक्त पदों को तत्काल भरा जाना चाहिए. कर्मचारियों की कमी से मौजूदा स्टाफ पर अत्यधिक काम का बोझ है.

15. दक्षता और उत्पादकता (Efficiency & Productivity):

प्रश्न: वेतन वृद्धि को कार्यक्षमता (Performance) से कैसे जोड़ा जाए?

उत्तर: प्रदर्शन का मूल्यांकन निष्पक्ष होना चाहिए और इसे केवल दंड देने का हथियार नहीं बनाना चाहिए.

16. स्वास्थ्य सुविधाएं (Health Facilities - CGHS):

प्रश्न: क्या CGHS सेवाओं में सुधार की आवश्यकता है?

उत्तर: अस्पतालों के नेटवर्क को बढ़ाने और कैशलेस सुविधाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत है.

17. छुट्टियों का प्रावधान (Leave Rules):

प्रश्न: क्या चाइल्ड केयर लीव या अन्य छुट्टियों के नियमों में बदलाव होना चाहिए?

उत्तर: महिला कर्मचारियों और विकलांग कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के नियमों को अधिक उदार बनाना चाहिए.

18. वेतन आयोग की आवृत्ति (Frequency of Pay Commission):

प्रश्न: क्या हर 10 साल में वेतन आयोग बनाना सही है या इसे बदला जाना चाहिए?

उत्तर: वेतन की समीक्षा हर 5 साल में या जब भी महंगाई दर बहुत अधिक बढ़ जाए, तब होनी चाहिए.

सरकार को कैसे भेज सकते हैं सुझाव?  

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) ने सभी हितधारकों से उनके पक्ष और सुझाव आमंत्रित किए हैं. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये सबमिशन 30 अप्रैल, 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे. आयोग ने अपनी वेबसाइट पर सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स के संघों और यूनियनों, संगठनों, संस्थानों के साथ-साथ व्यक्तिगत कर्मचारियों, पेंशनर्स और इच्छुक व्यक्तियों से सुझाव मांगा है. इसके लिए ज्ञापन (Memorandum) या प्रतिनिधित्व का एक ऑनलाइन प्रारूप (Online Structured Format) भी जारी किया है.  वित्त मंत्रालय के अनुसार, 'ज्ञापन जमा करने का ये प्रारूप MyGov.in पोर्टल (innovateindia.mygov.in) पर भी उपलब्ध है.'

आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनधारकों और संबंधित संगठनों से अनुरोध किया है कि वे केवल उपरोक्त पोर्टल पर ही अपनी बात रखें. कागज आधारित प्रतियों (Hard copies), ईमेल या पीडीएफ पर आयोग द्वारा विचार नहीं किया जा सकता है.

ज्‍यादा जानकारी के लिए क्लिक कर पढ़ें ये खबर 

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर बड़ी खबर, सरकार ने मांगे सुझाव, 30 अप्रैल है आखिरी तारीख, पूरा तरीका नोट कर लीजिए

 

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