Bollywood Surrogacy Kids: बॉलीवुड में बिना शादी सरोगेसी के जरिए सिंगल पैरेंट बने सितारों की संख्या बढ़ रही है, जो अकेले ही अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं. सिंगल पैरेंट बनकर पिछले 10 सालों में बेटे की परवरिश कर रहे तुषार कपूर ने बच्चों को परवरिश को एक बड़ी जिम्मेदारी बताया है. 'बच्चा पालना बच्चों का काम नहीं', तुषार कपूर ने बिना बोले अपनी हालत बयां कर दी है. दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो शादी किए और गर्भ धारण किए विज्ञान की मदद लेकर पैरेंट बनना चाहते हैं.
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'अमेरिका में असल जिंदगी का एहसास हुआ'
बॉलीवुड में एक्टिग कैरियर से पहले अमेरिका के पुराने अनुभव को साझा करते हुए तुषार कहते हैं कि सिंगल पैरेंटिंग में बच्चों की परवरिश में भावनात्मक रूप से बहुत ध्यान ज्यादा देना पड़ता है. अपने बचपन की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पहले के बच्चों की अपनी कोई राय नहीं होती थी, उन्हें मां-बाप के हिसाब से जिंदगी जीनी होती है. बच्चों के फैसले भी मां-बाप ही लेते हैं. माता-पिता ही तय करते हैं कि बच्चे छुट्टियों में कहां जाएगे और उनके दोस्त कौन होंगे, लेकिन अमेरिका में उन्हें असल जिंदगी का एहसास हुआ, जहां उन्होंने अकेला रहना शुरू किया था.
'सबसे अच्छा तरीका है हमेशा पॉज़िटिव रहना'
डेक्कन क्रॉनिकल को दिए एक इंटरव्यू में तुषार बताते हैं कि अमेरिका में जुटाए अनुभवों की वजह से वो अपने बेटे लक्ष्य को वह आज़ादी दे पाते हैं,जो उन्हें कभी नहीं मिली थी. तुषार ने बताया कि उनके बेटे की घर में अपनी अलग जगह है, जहां रहना उसे सबसे अधिक पसंद करता है, जिसका वो पूरा सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा तरीका है पॉज़िटिव रहना. उनका कहना है कि बच्चों को उनकी पहचान बनाए रखने देना उतना ही ज़रूरी है, जितना उनके साथ समय बिताना.
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भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं ऐसे बच्चे
गौरतलब है सिंगल पैरेंट्स को बच्चों की परवरिश के दौरान कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इनमें बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना सबसे महत्वपूर्ण है. प्रोफेशनल मजबूरियों के चलते ऐसे पैरेंट्स बच्चों की पूरी जिम्मेदारी नहीं उठा पाते हैं. उन्हें एक समय में मल्टी टास्क करना पड़ता है. ऐसे बच्चे भावनात्मक रूप से काफी कमजोर होते हैं, उनमे नकारात्मकता सबसे पहले घेर लेती है. ऐसे बच्चे अकेले होते हैं अधिक समय मोबाइल और कंप्यूटर पर बिताते हैं और अपराध और विकृतियों के शिकार हो जाते हैं.
यश और रूही के सिंगल पैरेंट हैं करण जौहर
फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर साल 2017 में सरोगेसी की मदद से दो जुड़वा बच्चों यश और रूही के सिंगल पैरेंट बने. करण जौहर अपने दोनों बच्चों की परवरिश अपनी बूढ़ी मां हीरू जौहर की मदद से करते हैं. अपनी अगली पीढ़ी का बिना शादी के स्वागत करने वाले करण जौहर के बेटे यश और बेटी रूही अभी 8 साल के हो गए हैं.
बेटे यश और बेटी रूही के साथ करण जौहर
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10 वर्षीय बेटे के सिंगल पैरेंट हैं तुषार कपूर
वयोवृद्ध अभिनेता जीतेंद्र और निर्माता शोभा कपूर के इकलौते बेटे तुषार कपूर के साल 2016 में कराए सरोगेसी के जरिए एक बेटा है. 10 वर्षीय बेटे की अकेले पैरेंटिंग कर रहे तुषार ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह शादी नहीं करना चाहते थे, लेकिन पिता बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सरोगेसी का रास्ता चुना और अब अकेले अपने बेटे का ख्याल रख रहे हैं, जिससे उनका फिल्म करियर नीचे गिरा है.
बेटे लक्ष्य के साथ अभिनेता तुषार कपूर
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7 वर्षीय बेटे को अकेले पाल रही एकता कपूर
सोप ओपेरा क्वीन के नाम से मशहूर अभिनेता जीतेंद्र की एकमात्र बेटी एकता कपूर बिना शादी एक बेटे की मां है. एकता ने भी सरोगेसी के जरिए मां बनने का रास्ता चुना. 27 जनवरी, 2019 को सरोगेसी के जरिए पैदा हुए बेटे को एकता कपूर ने पिता जीतेंद्र (रवि कपूर) का नाम दिया है. एकता फिलहाल अकेले ही बेटे की परवरिश कर रही हैं.
नाना जीतेंद्र के साथ एकता और तुषार कपूर के बेटे
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