आज के दौर में जब सेलेब्स की चमक-धमक ही सब कुछ लगती है, तब सलिल अंकोला की कहानी रियलिटी का आईना दिखाती है. 90s में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे सलिल अंकोला को लोग एक तेज गेंदबाज के तौर पर जानते थे, लेकिन क्रिकेट से अचानक बाहर होना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा झटका साबित हुआ. क्रिकेट छोड़ने के बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और टीवी इंडस्ट्री में अच्छी पहचान भी बनाई. पर्दे पर डैशिंग और हैंडसम दिखने वाले सलिल की असल जिंदगी में हालात बिल्कुल अलग थे. काम, शोहरत और पैसा होने के बावजूद वो अंदर से टूट चुके थे और यही उन्हें शराब की लत की तरफ ले गई.
क्रिकेट से एक्टिंग तक का सफर
सलिल अंकोला ने क्रिकेट के बाद एक्टिंग को करियर बनाया. उन्होंने कई टीवी शोज में काम किया, जिनमें कहता है दिल, कोरा कागज और विक्राल और गबराल जैसे पॉपुलर शो शामिल रहे. एक्टिंग से उन्हें पहचान तो मिली, लेकिन दिल का खालीपन खत्म नहीं हुआ. साल 1997 में उन्होंने क्रिकेट पूरी तरह छोड़ दिया और इसी दौर में शराब उनकी जिंदगी का हिस्सा बनती चली गई.
शराब की लत और अंधेरा दौर
एक इंटरव्यू में सलिल ने खुलासा किया कि शराब पीना शुरुआत में उन्हें सामान्य लगा, लेकिन धीरे-धीरे ये आदत बीमारी बन गई. 1999 से 2011 के बीच उन्होंने क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बना ली. हालात ये हो गए थे कि अगर वो 24 घंटे जागते थे तो 24 घंटे शराब पीते थे. परिवार और दोस्तों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उस समय वो खुद रुकना नहीं चाहते थे. कई बार रिहैब गए, फिर भी लत छूट नहीं पाई.
2011 वर्ल्ड कप और नई शुरुआत
सलिल ने बताया कि साल 2011 में वर्ल्ड कप देखने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वो क्या खो चुके हैं. इसी दौर में उनकी मुलाकात दूसरी पत्नी से हुई, जो पेशे से डॉक्टर थीं. उन्होंने सलिल की बीमारी को समझा और सही दिशा दिखाई. इलाज और सपोर्ट से सलिल ने शराब छोड़ दी और जिंदगी को दोबारा मौका दिया.
आज कैसी है सलिल की जिंदगी
आज सलिल अंकोला टीवी और फिल्मों में वापसी कर चुके हैं. उन्होंने माना कि अगर समय रहते सुधार नहीं होता तो वो इस दुनिया में नहीं होते. सलिल की कहानी सिर्फ एक सेलेब की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए सीख है जो किसी लत से जूझ रहे हैं.