तब्बू बॉलीवुड की जानी मानी अदाकारा रही हैं, जिनकी पर्दे पर एक्टिंग जितनी दमदार है. वहीं वह पर्सनल लाइफ में भी काफी स्ट्रॉन्ग हैं. 54 की उम्र में भी वह अपने शादी ना करने के फैसले पर टिकी हुई हैं. जबकि उनका अपने पिता का नाम अपने नाम के साथ ना जोड़ने पर भी वह चर्चा में रही हैं. लेकिन काफी समय पहले तब्बू ने बताया था कि क्यों वह पापा का सरनेम इस्तेमाल नहीं करतीं और उनके अपने पिता से कोई कनेक्शन महसूस नहीं होता है. सिमी ग्रेवाल के शो में तब्बू ने बताया कि वह पिता के बिना पली बढ़ी हैं, जिसने उनकी लाइफ को शुरुआत से ही एक शेप दिया है.
मां के साथ तब्बू ने बिताया ज्यादा वक्त
तब्बू ने कहा, मेरा बचपन बहुत अच्छा बीता. हम पूरी जिंदगी हैदराबाद में रहे. मैं अपने पेरेंट्स के तलाक के बाद अपने नाना नानी के साथ रही. मेरी मां टीचर थीं और मैने अपनी मां के साथ ज्यादा समय बिताया. मेरी नानी प्रार्थना करती और किताबें पढ़ती थीं, जिसके साथ मैं बड़ी हुई हूं. मैं बहुत शर्मीली थी, मेरी कोई आवाज नहीं थी. असल में, हीरोइन, एक्टर बनने के बाद भी मेरी कोई आवाज नहीं थी.”
पिता का सरनेम इस्तेमाल ना करने पर बोलीं तब्बू
तब्बू ने बताया कि उन्होंने पिता का सरनेम हाशमी का इस्तेमाल करने के बारे में कभी नहीं सोचा. एक्ट्रेस ने कहा, "मैंने इसे कभी इस्तेमाल नहीं किया. मुझे कभी नहीं लगा कि मेरे लिए अपने पिता का सरनेम इस्तेमाल करना जरूरी है. मेरा नाम हमेशा तबस्सुम फातिमा ही रहा, जो मेरा मिडल नेम था. स्कूल में, फातिमा ही मेरा सरनेम था."
पिता के बारे में नहीं थी जानने की इच्छा
पिता से इमोशनल दूरी को लेकर तब्बू ने कहा, मेरी उनके साथ कोई यादें नहीं है. मेरी बहन उनसे कुछ मौकों पर मिला थी. लेकिन मुझे एहसास है कि मैं कभी उनसे नहीं मिली. मैं उनके बारे में जानने की इच्छा नहीं रखती. मैं जैसी हूं खुश हूं और जैसे बड़ी हुई. मैं अपनी लाइफ में सैटल हूं.
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तबस्सुम फातिमा कैसे बनीं तब्बू
जैसा कि फैंस जानते हैं कि तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा है. लेकिन उन्हें तब्बू नाम देव आनंद ने दिया था. दरअसल, सुपरस्टार ने एक बर्थडे पार्टी में तब्बू से मुलाकात की और बाद में अपनी फिल्म हम नौजवान में कास्ट किया. जहां वह देव आनंद की बेटी बनी थीं. उन्हें तब्बू के नाम से फिल्म में क्रेडिट दिया गया. जबकि इससे पहले उन्होंने बाजार फिल्म में 11 साल की उम्र में छोटा रोल निभाया था. इसके बाद वह काला पानी, इरुवर, द नेमसेक, हैदर, मकबूल और जीत जैसी फिल्मों में अपने बोल्ड किरदार के लिए जानी गईं. वहीं माचिस और चांदनी बार के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.