हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गाने बने हैं जो अपनी सादगी की वजह से सदाबहार बन गए हैं. आज हम एक ऐसे ही फेमस गाने की बात करेंगे जिसको यादगार बनाने के लिए न तो बड़े-बड़े सेट की जरूरत पड़ीऔर न ही भारी-भरकम डांस स्टेप्स की. बल्कि कानों में झुमके, कमर पर लटकती चोटी और चुलबुली अदाओं के साथ दिलकश आवाज ही काफी हुई. जो सीधे दिल में उतर गई. 56 साल पहले आए एक गाने का ऐसा ही जादू पर्दे पर देखने को मिला था, इस गाने में रेखा ने अपने अंदाज से दर्शकों का दिल जीता इसके साथ ही मोहम्मद रफी की आवाज ने इस गाने को यादगार बना दिया. आज भी इस गाने की धुन सुनते ही पैर थिरकने लगते हैं.
'सावन भादों' का गाना, जिसने मचाई थी धूम
हम बात कर रहे हैं साल 1970 में आई फिल्म 'सावन भादों' के गाने 'कान में झुमका, चाल में ठुमका' की. ये गाना रेखा के करियर के शुरुआती दौर का था. इस फिल्म में रेखा के साथ नवीन निश्चल ने काम किया था. मोहन सहगल के निर्देशन में बनी इस फिल्म के गाने के बोल वर्मा मलिक ने लिखे थे और संगीत तैयार किया था सोनिक-ओमी ने. गाने की शूटिंग गन्ने के खेतों और नही कि किनारे खुले मैदानो में की गई थी. मोहम्मद रफी की दमदार आवाज के साथ शरारती अंदाज ने इस गाने को एक अलग ही पहचान दी. गाने के बोल, इसका संगीत और रफी साहब की आवाज में ये गाना सिर्फ उस दौर में ही नहीं बल्कि आज के समय में भी लोगों को बेहद पसंद आता है. गाने के बोल इस तरह हैं-
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आए हाय,
कान में झुमका, चाल में ठुमका, कमर पे चोटी लटके
हो गया दिल का, पुरजा-पुरजा, लगे पचासी झटके
हो, तेरा रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
कान में झुमका, चाल में ठुमका, कमर पे चोटी लटके
हो गया दिल का, पुरजा-पुरजा, लगे पचासी झटके
हो, तेरा रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
रेखा की अदाएं और नवीन निश्चल की मस्ती
इस गाने में खास बनाने में सिर्फ गाने के बोल, संगीत और रफी साहब की आवाज ही नहीं थी. बल्कि इस गाने को खास बनाने में रेखा का चुलबुला अंदाज भी था. उनके झुमके, चाल और चेहरे के हावभाव गाने के बोलों के साथ बिल्कुल परफेक्ट मैच करते हैं. रेखा के साथ ही नवीन निश्चल भी अपने अलग अंदाज और डांस के साथ गाने की मस्ती को आगे बढ़ाते हैं. पर्दे पर दोनों के बीच की केमिस्ट्री इसको हल्की-फुल्की मस्ती के साथ एंटरटेनिंग भी बनाती है.
रफी की आवाज का जादू
इस गाने को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से ऐसा सजाया कि इतने सालों बाद भी ये कपल्स के फेवरेट गानों की लिस्ट में शामिल है. रफी साहब की गायिकी का शरारती अंदाज और गाने के हर बोल इसको एक अलग ही रंग में भर देते हैं. सोनिक-ओमी का संगीत और वर्मा मलिक के बोल मिलकर इसे ऐसा गीत बनाते हैं, जिसे सुनने में आज भी वही पुरानी मस्ती महसूस होती है. फिल्म 'सावन भादों' ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था.
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