राजपाल यादव 38 दिन बाद भी दिल से नहीं निकाल पा रहे जेल का खौफ और स्याह रातें, उन दिनों को बताया 'मौत बराबर'

राजपाल यादव को जेल से रिहा हुए 38 दिन हो चुके हैं. हाल में हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में राजपाल यादव ने जेल में बिताए उस समय को याद किया और बताया कि कैसे उन्हें अब पुनर्जन्म वाली फीलिंग हो रही है.

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मौत को करीब से देख चुके हैं राजपाल यादव!
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नई दिल्ली:

राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में जेल से रिहा होने के बाद जब काम पर लौटे तो अक्षय कुमार के साथ वेलकम टू द जंगल की शूटिंग शुरू की. इस बीच खिलाड़ी कुमार के साथ ही उनकी भूत बंगला की तैयारी भी शुरू हो गई. राजपाल यादव की ये फिल्म अप्रैल में रिलीज होने वाली है. इसी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में एक बातचीत के दौरान राजपाल यादव ने जेल से बाहर आने के बाद अपना एक्सपीरियंस शेयर किया. राजपाल यादव ने कहा उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे कि उनका पुनर्जन्म हुआ है और वे फिर से बच्चे बन गए हों.

पिछला कुछ समय राजपाल यादव के लिए बहुत ही मुश्किल रहा. उन्हें चेक बाउंस मामले में जेल भेज दिया गया था. इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें जबरदस्त सपोर्ट मिला और उन्होंने अपने बकाए का भुगतान करने की कोशिश की. 

'अब जिंदगी में सिर्फ राहत है'

राजपाल यादव ने हाल में हिंदुस्तान टाइम्स से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपनी मौजूदा मनोदशा के बारे में बात की. उन्होंने कहा, जिंदगी में अब सिर्फ राहत ही राहत है. आप सब यहां हैं. देश और दुनिया भर से लोग यहां आए हैं." फरवरी में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उन्हें तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद, उनके कई को-स्टार्स, प्रोड्यूसर्स और शुभचिंतक एक साथ आए और उन्होंने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में उनका बकाया चुकाने में उनकी मदद की थी.

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Photo Credit: Rajpal yadav

'अब मैं पूरी दुनिया का कर्जदार हूं'

जब राजपाल यादव ने उन्हें मिले सपोर्ट के बारे में बात की तो वे भावुक हो गए. वे कहते हैं, "जब आप किसी मुश्किल हालात में फंस जाते हैं और ठीक उसी वक्त, जिन लोगों के लिए आपने 20 सालों तक काम किया है, वे आपके साथ खड़े होते हैं चाहे वे बच्चे हों या बुज़ुर्ग, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. लोगों ने मेरे लिए दुआएं मांगीं. कुछ लोगों ने तन, मन और धन से जिस तरह भी वे कर सकते थे मेरी मदद की. इस बात ने मुझे सौ साल और जवान बना दिया."

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अपने मजाकिया अंदाज में राजपाल ने खुद पर चढ़े एक नए कर्ज के बारे में मजाक करते हुए कहा. यह कर्ज उन लोगों का है जिन्होंने अपने-अपने घरों से उनके लिए दुआएं मांगी थीं. वे कहते हैं, "मुझे लगता है कि मैं दुनिया भर के उन तमाम लोगों का कर्जदार हूं जिन्होंने मेरे भले की कामना की. पूरी दुनिया का जो यह कर्ज मेरे ऊपर चढ़ा है, मैं इसी कर्ज में डूबे रहना चाहता हूं." 

Photo Credit: Rajpal Yadav/Instagram

हालांकि राजपाल ये भी मानते हैं कि इस अनुभव ने उन्हें पूरी तरह से बदल दिया है. “पिछले 40 सालों में, जब मैंने 14 साल की उम्र में थिएटर करना शुरू किया था, तब से मैंने शायद 500 जिंदगी जी हैं. लेकिन अब मुझे ऐसा लगता है जैसे मेरा फिर से जन्म हुआ है. मुझे फिर से एक बच्चे जैसा महसूस हो रहा है.”

जब राजपाल यादव ने करीब से देखी मौत

लंबे समय तक चली कानूनी परेशानियां और जेल में समय बिताना किसी को भी तोड़ सकता है. लेकिन राजपाल कहते हैं कि वह अलग ही मिट्टी के बने हैं. बचपन में मौत के बेहद करीब पहुंचने के एक एक्सपीरियंस को याद करते हुए वह कहते हैं, “मैंने मौत को बहुत करीब से देखा है. मैं गंगा में लगभग डूब ही गया था. उस पल, मैंने खुद से कहा कि लड़ते रहो, ऊपर आने की कोशिश करते रहो. आप पानी के उस दबाव से लड़ते हैं जो आपको नीचे खींच रहा होता है. आपकी आधी जान निकल जाती है.” 

वह कहते हैं कि यह एक्सपीरियंस उनके लिए उस समय जैसा ही था, और आगे जोड़ते हैं, “मैं एक फाइटर हूं. अपनी जिंदगी में, मुझे अपने परिवार और दुनिया के कई अन्य परिवारों से सहानुभूति और प्यार मिला है. दुनिया और भारतीय सिनेमा ने मुझे इतना कुछ दिया है कि मैं लड़ता रहता हूं. अब मैं अपनी जिंदगी का हर पल शांति से जीना चाहता हूं. राहत की सांस चाहिए. तभी हंस पाऊंगा और हंसा पाऊंगा.”
 

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