30 अप्रैल 1999 को जब आमिर खान की फिल्म सरफरोश रिलीज हुई, तो देश में कारगिल युद्ध की आंच अभी बाकी थी. एक तरफ देशभक्ति की लहर, दूसरी तरफ आतंकवाद का साया. फिल्म ने ना सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी तहलका मचा दिया. लेकिन इस मास्टरपीस के पीछे की कहानी कम रोचक नहीं है. रिसर्च, प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग मिलाकर इसे रिलीज करने में पूरे सात साल लग गए. आमिर खान की फिल्म का बजट सिर्फ 8 करोड़ था, लेकिन वर्ल्डवाइड कलेक्शन पहुंच गया 36 करोड़ के करीब.
आमिर खान को नहीं था डायरेक्टर पर भरोसा
फिल्म के डायरेक्टर जॉन मैथ्यू मथान ने 1992 में स्क्रिप्ट पर काम शुरू किया था. आमिर खान को लीड रोल में कास्ट करने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी. आमिर ने खुद कबूल किया था कि शुरू में उन्हें यकीन नहीं था कि नए डायरेक्टर इतनी बड़ी फिल्म संभाल पाएंगे. फिर भी आमिर ने पूरा यकीन जताया और नतीजा शानदार निकला.
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सेंसर ने काटा खतरनाक सीन
लेकिन सबसे बड़ा विवाद सेंसर बोर्ड से हुआ. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह का किरदार बेहद डरावना था. एक खास सीन में वे मेमने का कान काटते हैं. ये सीन उनके किरदार की क्रूरता दिखाने के लिए बेहद जरूरी था. नसीरुद्दीन शाह ने खुद बताया कि सीन फेक था, लेकिन सेंसर बोर्ड ने इसे लेकर हंगामा मचा दिया और इसे काटने के लिए कहा. आखिरकार वो शॉट जहां शाह बकरी के बच्चे का कान काटते दिखते हैं, पूरी तरह काट दिया गया. फिर भी सीन का असर बरकरार रहा और दर्शकों के जेहन में वो खौफनाक इमेज अंकित हो गई.
सरफरोश का बजट और कलेक्शन
सरफरोश आठ करोड़ के बजट में बनी. यह फिल्म उस समय के हिसाब से काफी महंगी थी. आमिर खान की परफेक्शनिस्ट इमेज की वजह से शूटिंग में कई बार डेट्स शिफ्ट होती रहीं. फिर भी फिल्म ने दुनियाभर में 36 करोड़ का बिजनेस किया. फिल्म के गाने और स्टोरी को तो पसंद किया ही गया, इसके अलावा उनकी एक्टिंग तो लाजवाब रही.
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