बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव में गुरुवार को तीखी बहस हुई. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को जमकर घेरा. अपनी शारीरिक पीड़ा के बावजूद, तेजस्वी यादव ने सदन में खड़े होकर (और बाद में अनुमति लेकर बैठकर) एक के बाद एक के बाद एक कई मुद्दों पर नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने न केवल विकास के दावों पर सवाल उठाए, बल्कि शायराना अंदाज में सत्ता पक्ष को उनकी 'हदों' का अहसास भी कराया. तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि अभी आपका समय है, मेरा भी दौर आएगा.
तेजस्वी के इस हमले पर नीतीश ने खुद मोर्चा संभाला और कहा- तुम्हारा बाप मेरे समय का ही है ना, उसका तो शादी भी बाद में हुआ था. तुमको तो मानबे न करते हैं हम, चलो, बैठो. कितना इधर-उधर करता था. तुमको बनाए थे ना. 6 आदमी को खींचने के लिए कहां से पैसा लाया? पैसा कमाता था, इसीलिए हम छोड़ दिए.
सरकार की कार्यशैली पर तीखा प्रहार
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण की शुरुआत अपने 11 साल के विधायी अनुभव और सरकार की 'लापरवाही' से की. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव में जनतंत्र को धन तंत्र में बदल दिया गया है और महिलाओं को पैसे देकर वोट खरीदने की कोशिश की गई है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज प्रदेश में 'न्याय के साथ विकास' नहीं, बल्कि 'अन्याय के साथ शासन' हो रहा है. बढ़ते अपराधों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि अपराधियों में अब कोई डर नहीं बचा है. उन्होंने सत्ता पक्ष से कहा, "यही असली जंगलराज है, लेकिन आप इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे."
'आईना पहले खुद देखो' - तेजस्वी के तीखे बाण
भाषण के दौरान तेजस्वी यादव काफी आक्रामक नजर आए. उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को संबोधित करते हुए एक शेर पढ़ा- "आईना जब भी उठाया करो, पहले देखा करो, फिर दिखाया करो." उन्होंने आगे कहा कि सरकार झूठी वाहवाही बटोरने में लगी है, जबकि जमीन पर हकीकत कुछ और ही है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अभी आपका समय है, हमारा दौर आएगा. सही वक्त पर करा देंगे हदों का एहसास, कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं."
बिहार की बदहाली और 'विशेष राज्य' की मांग
तेजस्वी ने आंकड़ों के साथ बिहार की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि अगर विकास हो रहा है, तो बिहार हर सूचकांक में फिसड्डी क्यों है? उन्होंने याद दिलाया कि बिहार में निवेश और प्रति व्यक्ति आय अभी भी देश में सबसे कम है. तेजस्वी ने बड़ा बयान देते हुए कहा, "अगर बिहार एक अलग देश होता, तो वह दुनिया का सबसे गरीब देश होता." उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार है, दो-दो डिप्टी सीएम हैं और सांसद भी डबल डिजिट में हैं, तो फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज क्यों नहीं मिल रहा?
बुलडोजर एक्शन और गरीबों का दर्द
हालिया प्रशासनिक कार्रवाइयों पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने 'बुलडोजर नीति' की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार उन गरीबों के घर उजाड़ रही है, जिनका वोट लेकर वह सत्ता की कुर्सी तक पहुंची है.
भाषण के दौरान तेजस्वी यादव कमर-पीठ के दर्द से काफी परेशान दिखे. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति मांगते हुए कहा, "दर्द बहुत ज्यादा है, अगर आपकी अनुमति हो तो बैठकर पढ़ना चाहूंगा." अनुमति मिलने के बाद उन्होंने अपना वक्तव्य जारी रखा और संकल्प दोहराया कि विपक्ष जनता के सवालों को मजबूती से उठाता रहेगा.
यह भी पढ़ें - बिहार विधानमंडल बजट सत्र: विपक्ष हमलावार, सरकार परेशान, जानें किन मुद्दों पर होगा घमासान














