बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं. अब जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं. इस बारे में सीएम नीतीश के करीबी सहयोगी और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शुक्रवार (27 मार्च) को संकेत दिया है. हालांकि संजय झा ने यह नहीं बताया कि नीतीश कुमार किस तारीख को इस्तीफा देंगे. लेकिन उन्होंने संविधान के प्रावधानों के बारे में बताया, और उसके मुताबिक ही आगे की कार्यवाही होगी.
संजय कुमार झा ने कहा, संविधान में प्रावधान है कि 14 दिनों के भीतर इस्तीफा देना होता है. उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया होगी.
सीएम नीतीश कुमार 6 महीने तक रह सकते हैं सीएम
बता दें, नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. संविधान के अनुसार, यदि कोई राज्य विधायक या विधान परिषद सदस्य संसद के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी पूर्व सदस्यता छोड़नी होती है. जेडीयू के कुछ नेताओं का मानना है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन फिलहाल टल सकता है, क्योंकि नियमों के तहत कोई व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हुए भी अधिकतम छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है.
इस बीच, विपक्ष द्वारा राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था “देश में सबसे बेहतर” है.
उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को तुरंत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है और अपराधियों को किसी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाता.
यह भी पढ़ेंः इस्तीफा देकर भी CM बने रह सकते हैं नीतीश कुमार, विधानसभा स्पीकर ने समझाया नियम














