रात में होमगार्ड, दिन में चौकीदार, घर में CCTV… नीट छात्रा मौत मामले में कैसे की जा रही परिवार की सुरक्षा

पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास है. एजेंसी छात्रा के हॉस्टल के माहौल, इलाज की हिस्ट्री और धमकी भरे पर्चों के बीच संभावित कनेक्शन तलाश रही है.

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  • पटना की NEET छात्रा मौत मामले में धमकियों के बाद प्रशासन ने परिवार की सुरक्षा और निगरानी कड़ी कर दी है
  • परिवार के घर के अंदर और बाहर चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं, साथ में अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं
  • परिवार ने धमकियों के कारण खुद CCTV कैमरे लगवाए, जबकि SIT जांच टीम पर सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया गया है
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पटना की NEET छात्रा मौत मामले में लगातार मिल रही धमकियों के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा और कड़ी कर दी है. परिवार के घर के अंदर और बाहर चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पहले से तैनात सुरक्षा बल के अलावा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है.

धमकी भरे पर्चों के बाद बढ़ी सुरक्षा

जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद परिवार को घर की किचन खिड़की से लगातार धमकी भरे पर्चे मिल रहे थे. पहली पर्ची 14 फरवरी को और दूसरी 16 फरवरी को खिड़की से फेंकी गई थी. दोनों पर्चियां पुलिस को सौंप दी गईं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई.
सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों के अनुसार, 6 फरवरी से घर के बाहर लगातार ड्यूटी लगाई जा रही है. रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक दो होमगार्ड तैनात रहते हैं, जबकि दिन में चौकीदार निगरानी करता है.

परिवार का आरोप: SIT जांच में सहयोग नहीं मिला

पीड़िता के मामा ने आरोप लगाया है कि सीबीआई को मामला सौंपे जाने से पहले जांच कर रही SIT टीम ने परिवार को सहयोग देने के बजाय मानसिक दबाव बनाया, जिससे आसपास के लोगों में डर का माहौल है. परिजनों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्होंने खुद ही घर के अंदर और बाहर CCTV कैमरे लगवाने का फैसला लिया, ताकि हर गतिविधि रिकॉर्ड की जा सके.

CBI की जांच तेज, कई दौर की पूछताछ

इस पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास है. एजेंसी छात्रा के हॉस्टल के माहौल, इलाज की हिस्ट्री और धमकी भरे पर्चों के बीच संभावित कनेक्शन तलाश रही है.

बताया जा रहा है कि 15 फरवरी को CBI टीम पहली बार छात्रा के पैतृक गांव पतियावां पहुंची थी, जहां माता-पिता और भाई से लंबी पूछताछ की गई. 17 फरवरी को टीम ने दोबारा गांव पहुंचकर भाई का मोबाइल फोन जब्त किया और जांच के लिए पटना ले गई. इसके बाद तीसरी बार मखदुमपुर के इस्माइलपुर गांव में मृतका के मामा से करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई, जबकि गया में मामी से भी घंटों सवाल-जवाब किए गए.

हर एंगल से जांच, सुरक्षा पर खास फोकस

फिलहाल एजेंसी परिवार, हॉस्टल, इलाज और मिल रही धमकियों सहित सभी पहलुओं को जोड़कर मामले की गहन जांच में जुटी है. प्रशासन का कहना है कि परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.

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