पत्नी की हत्या कर दफनाया शव, फिर ऊपर कर दी गेहूं की खेती... दो महीने बाद ऐसे फूटा भांडा

बिहार के नालंदा जिले के मानपुर में एक पति ने दहेज के लिए अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर उसके शव को खेत में गाड़कर उसके ऊपर गेहूं की खेती कर दी. दो महीने बाद शव के बारे में पता चला.

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  • मानपुर में दहेज की मांग न पूरी होने पर पति और परिवार ने महिला की हत्या कर शव खेत में गाड़ दिया था
  • सविता कुमारी की शादी जून 2025 में हुई थी और छह महीने बाद दहेज में गाड़ी मांगने के कारण उत्पीड़न शुरू हुआ
  • हत्या के दो महीने बाद गेहूं के खेत में मिट्टी दबने से शव का कुछ हिस्सा बाहर दिखा और पुलिस ने उसे बरामद किया
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नालंदा:

दहेज की भूख में एक और महिला की हत्या कर दी गई. मामला नालंदा जिले के मानपुर में सामने आया है, जहां एक पति ने परिवार वालों के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी. हद तो तब हो गई जब हत्या के बाद उसके शव को खेत में गाड़ दिया और फिर उस पर गेहूं की खेती कर दी. पुलिस ने गिरफ्तार किया तो पति अपना मुंह खोलने को राजी नहीं था. लेकिन कहते हैं न कि सच कितना भी छिपा लो, एक न एक दिन बाहर आ ही जाता है. आखिरकार हत्या के दो महीने बाद महिला का शव खेत में मिला. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

इस पूरे मामले की कहानी पिछले साल जून से शुरू हुई. 1 जून 2025 को मानपुर के लोटन गांव के मनीष कुमार की शादी माधोपुर की सविता कुमारी से हुई. शादी बड़ी धूमधाम से हुई थी. दोनों शादी से खुश भी थे. दोनों साथ में इंस्टाग्राम पर कई रील भी बनाते थे. लेकिन शादी के 6 महीने बीत जाने के बाद मनीष और ससुराल वालों ने दहेज की मांग छेड़ दी. दहेज में गाड़ी मांगने लगे.

दहेज नहीं मिला तो कर दी हत्या

सविता की मां दानों देवी ने बताया कि उनकी बेटी से रोज फोन पर बातें होती थीं. लेकिन 2 दिसंबर के बाद से फोन पर कोई बात नहीं हुई. बेटी से बात नहीं हो पाने के कारण उन्होंने अपने बेटे को लोटन गांव में ससुराल वालें के घर भेजा. लेकिन वहां कोई नहीं था और घर पर ताला लगा था. 5 दिसंबर को मां और भाई ने सविता की हत्या का केस दर्ज कराया. दानों देवी ने बताया कि बेटी बताती थी कि ससुराल वाले दहेज में गाड़ी मांग रहे हैं.

पति गिरफ्तार लेकिन नहीं मिला सुराग

5 दिसंबर को केस दर्ज होने के बाद पुलिस सविता के शव की खोजबीन में लगी रही. जब शव नहीं मिला तो 14 जनवरी को उसके पति मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन मनीष ने अपना मुंह नहीं खोला. उससे लगातार पूछताछ की जा रही थी लेकिन सविता के शव के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हुई.

फिर ऐसे हुआ खुलासा

सविता के शव के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इसी बीच गांव के किसान अपने-अपने खेतों में गेहूं की खेती का पटवन कर रहे थे. लोटन गांव के खंदा में गेहूं के खेत में पटवन के कारण मिट्टी नीचे की ओर दब गई, जिस कारण शव का कुछ हिस्सा बाहर दिखने लगा. इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. मानपुर के थाना प्रभारी अनिरुद्ध कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मिट्टी खोदकर शव को निकाला. 

आरोपी को फांसी देने की मांग

शव की शिनाख्त करने वाले सविता के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है. मां दानों देवी ने कहा कि मेरी बेटी को मारकर खेत में दफना दिया. हत्यारे को फांसी होनी चाहिए. वहीं, सविता के भाई रामस्वार्थ  ने कहा कि मेरी बहन को मारकर खेत में दफनाकर गेहूं लगा दिया था. इस कारण दो महीने से शव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही थी. 

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वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टरमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा था लेकिन वहां से शव को पटना PMCH रेफर कर दिया गया है. अब पटना में इसका पोस्टमार्टम किया जाएगा. उसके बाद शव को परिवार वालों को सौंपा जाएगा.

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