बिहार के बगहा जिले में ऑनर किलिंग का मामला उजागर हुआ है. पुलिस हत्या के मामले में कई महीनों से जांच कर रही थी, लेकिन आखिरकार इस गुत्थी को सुलाझा लिया गया. हालांकि जब इस हत्या का खुलासा हुआ तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने जांच में खुलासा किया है कि प्रेमी जोड़े की बेरहमी से हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की साजिश रची गई थी, ताकि मामले को दबाया जा सके. मामला साल 2025 का है, लेकिन पुलिस की जांच जनवरी 2026 से शुरू हुई.
नर कंकाल मिलने के बाद शुरू हुई जांच
दरअसल, 14 सितंबर 2025 को नौरंगिया थाना क्षेत्र में अखिलेश यादव नामक युवक के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला. मामला ठंडा पड़ता नजर आ रहा था. तभी 22 जनवरी 2026 को एक बड़ा खुलासा हुआ. जब जंगल में लकड़ी काटने गए ग्रामीणों ने एक पेड़ से लटके दो कंकाल देखे, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों कंकालों को कब्जे में लेकर वैज्ञानिक जांच कराई. जांच में पुष्टि हुई कि ये कंकाल लापता अखिलेश यादव और दुलारी कुमारी के हैं.
पिता का राज पुलिस ने खोला
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि अखिलेश और दुलारी के बीच प्रेम संबंध था, जो लड़की के परिवार को मंजूर नहीं था. इसी बात को लेकर दुलारी के पिता मदन बिन ने एक साजिश रची. पुलिस के अनुसार, मदन बिन ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पहले दुलारी को बहाने से जंगल में बुलाया और फिर उसी के जरिए अखिलेश को भी वहां बुलवाया. दोनों के जंगल पहुंचते ही पहले दुलारी की गला दबाकर हत्या की गई, इसके बाद अखिलेश से जबरन सुसाइड नोट लिखवाया गया और उसकी भी हत्या कर दी गई.
हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को रस्सी से बांधकर एक ही पेड़ से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या प्रतीत हो.
पुलिस के सामने कबूला जुर्म
जनवरी में कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. आखिरकार इस ऑनर किलिंग की परतें खुलती गईं और सच्चाई सामने आ गई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में रामू मुसहर और दुलारी के मामा जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. वहीं, अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.
जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले पर कहा कि यह एक सुनियोजित ऑनर किलिंग का मामला है, जिसमें साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस केस का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है. घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
यह भी पढ़ेंः Bihar: प्राइवेट हॉस्पीटल बना मौत का अड्डा? ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन और ससुराल पक्ष फरार














